उधमपुर। देविकानगरी में गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी की किल्लत बढ़ने लगी है। इस गर्मी में भी जलशक्ति विभाग शहर में 16 लाख गैलन पानी की कमी को पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा। शहरवासियों को इस साल भी जरूरत के नुसार पानी की सप्लाई नहीं मिलने पर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। विभाग के एक्सईएन का कहना है कि लीकेज ठीक कर पानी बचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
शहर में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए हर वर्ष योजनाएं तैयार की जाती हैं, लेकिन आजतक इन्हें जमीनी स्तर पर अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। इस कारण दिन प्रतिदिन शहर में पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है। शहर की करीब एक लाख की आबादी को हर रोज 54 लाख गैलन पानी की जरूरत है, लेकिन पीएचई विभाग दो फिल्ट्रेशन प्लांट से 38 लाख गैलन पानी की आपूर्ति ही कर पाया है। हर रोज शहर में 16 लाख गैलन पानी की कमी रहती है। सर्दी में तो शहरवसी किसी तरह कम पानी से गुजारा कर लेते हैं, लेकिन गर्मी में पानी की जरूरत बढ़ जाती है। फिर 16 लाख गैलन पानी की कमी से परेशान होकर शहरवासियों को सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करना पड़ता है।
जलशक्ति विभाग गर्मी में देता है तीन या चार दिन सप्लाई
गर्मी में पानी की मांग बढ़ने पर जलशक्ति विभाग कई इलाकों में सप्ताह में तीन या फिर चार दिन पानी की सप्लाई देर काम चलाता है। पिछले कुछ वर्षों से शहर की जनसंख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और पानी की सप्लाई देने के लिए आज भी दो ही फिल्ट्रेशन प्लांट है। पानी की सप्लाई को सुचारु रूप से चलाने के लिए फिर शहरवासियों को सप्ताह में दो या फिर तीन दिन ही पानी की सप्लाई मिलती है।
शहर के अंदर पानी की कमी को पूरा करने के लिए 65 करोड़ रुपये में नए फिल्ट्रेशन प्लांट का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इसको मंजूरी मिलने का इंतजार है। गर्मी में पानी की कमी को पूरा करने के लिए लीकेज ठीक कर पानी की आपूर्ति में सुधार करने का प्रयास किया जाएगा।
- ताज चौधरी, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग