- किश्तवाड़ में ऑपरेशन त्राशी की सफलता के साथ ही उधमपुर में सुरक्षा सख्त
उधमपुर। रामनगर-बसंतगढ़ के जोफड़ में दो लश्कर आतंकियों को ढेर करने के 20 दिन के भीतर किश्तवाड़ में तीन और आतंकियों को मौत के घाट उतारकर सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की। आतंकवाद के सफाए के लिए लड़ाई जारी रखते हुए जवान मुस्तैदी से तैनात हैं और चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं।
बसंतगढ़, रामनगर के ऊपरी व संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को भी सुरक्षा घेरे में रखा गया है। पिछले लगभग डेढ़ साल से कठुआ के बिलावर, उधमपुर के रामनगर-बसंतगढ़ और किश्तवाड़ के छात्रु आदि इलाकों में आतंकी सुरक्षा बलों के साथ लुकाछिपी का खेल खेलने में लगे थे। जंगलों में जान बचाने के लिए दो से तीन की संख्या में समूह बनाकर छिपते फिर रहे थे। कभी किसी परिवार को बंधक बनाकर दाल रोटी की व्यवस्था करते तो कभी सुरक्षा बलों को निशाना बनाने का प्रयास कर छिप जाते। इनमें अधिकतर आतंकियों का सुरक्षा बलों ने सफाया कर दिया है। अभी और कितने आतंकी हैं, इसके लिए घेराबंदी और तलाशी अभियान जारी है।
सब्र, इंतजार और जांबाजी के साथ किया सफाया
जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, एसओजी और अन्य सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से रणनीति के साथ प्रभावित इलाकों की घेराबंदी करनी शुरू की। इस बार सीधे वार नहीं, वेट एंड वॉच की नीति अपनाई गई ताकि जंगलों की आड़ या ओजीडब्ल्यू की मदद से आतंकी भागने में कामयाब न हो सकें। घेराबंदी इतनी कड़ी हो गई कि आतंकियों को चट्टानों के बीच, पहाड़ी गुफाओं, खंडहर, ढोक की आड़ में दुबकना पड़ा। लंबे सब्र, इंतजार और जवानों के जांबाज हौसले के आगे आखिरकार आतंकियों को शिकस्त खानी पड़ी। इस सफलता में स्निफर डॉग, ड्रोन और साइलेंट आर्मी के रूप में अपनाई गई विभिन्न रणनीतियों ने भी अहम भूमिका निभाई।
बिलावर से शुरू की सफाए की गाथा
जनवरी के अंत में सुरक्षाबलों ने इसी समूह के आतंकी को बिलावर में मुठभेड़ के दौरान मौत के घाट उतार दिया था जबकि 3 फरवरी को जोफड़ में दो आतंकियों मार गिराया गया और 22 फरवरी को किश्तवाड़ में 3 और आतंकियों को जहन्नम पहुंचा दिया। लगभग एक से डेढ़ साल के बीच लश्कर के मॉड्यूल का सफाया सुरक्षा तकनीक के साथ किया गया। आम आदमी की सुरक्षा और जनसंपत्ति का विशेष ध्यान रखते हुए बिना नुकसान के कठुआ, उधमपुर और किश्तवाड़ रेंज में आतंकी समूह का सफाया कर दिया। इनमें अधिकतर विदेशी आतंकी थे।
लगातार प्रभावित रहे इलाकों में राहत
सुरक्षा बलों की सफलता से आतंकी गतिविधियों में सुर्खियों में रहे तीनों जिलों के विभिन्न इलाकों के लोगों ने भी राहत की सांस ली है। पाक प्रायोजित आतंकवाद नस्ल को बेहतर ढंग से जानने वाले सुरक्षा बलों ने अभी अभियान को समाप्त नहीं किया और संवेदनशील इलाकों सहित जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तैनाती को बरकरार रखा है।
आतंकवाद के सफाए को लेकर सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है लेकिन अभी भी संवेदनशील इलाकों में घेराबंदी और तलाशी अभियान जारी है।
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प्रहलाद शर्मा, डीएसपी मुख्यालय।