सामुदायिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने की पहल
खराब मौसम से हुए नुकसान के बाद मूल्यांकन के आधार पर कायाकल्प के लिए चुना गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। सामुदायिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने पंद्रह में से दस सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कराया है। इसके लिए श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष व उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर से निर्देश थे।
इन स्कूलों में सरकारी हाई स्कूल, सिरला भागा, चक भगथा, पैंथल, परथल, मनून और कुन कन्याला के सरकारी मिडिल स्कूल जबकि रियासी जिले में हंसली, कलारा चंजूटे, अपर सिरला, गीता नगर, पुराना दरूर और चुंबरा के गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा उधमपुर जिले में गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल धन्नो है।
इन स्कूलों को खराब मौसम से हुए नुकसान के बाद मूल्यांकन के आधार पर कायाकल्प के लिए चुना गया था। उन संस्थानों को प्राथमिकता दी गई जहां क्लासरूम, चहारदीवारी और सैनिटेशन सुविधाओं जैसे बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए थे।
नए क्लासरूम का निर्माण, क्षतिग्रस्त छतों की मरम्मत, पेंटिंग, संरचनात्मक मजबूती, दरवाजों और खिड़कियों की मरम्मत और बिजली व फर्श की व्यवस्था शामिल थी। छात्रों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सेनिटेशन सुविधाओं के अपग्रेडेशन और मजबूती पर विशेष जोर दिया गया।
पहले छह सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कर उन्हें जिला प्रशासन रियासी को सौंप दिया गया था। अपनी प्रमुख पहल के तहत चार और स्कूलों में काम पूरा होने के साथ श्राइन बोर्ड ने अब रेनोवेट किए गए स्कूलों की कुल संख्या दस कर दी है। शेष पांच स्कूलों को अगले शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले सौंप दिए जाने की उम्मीद है।
दस स्कूलों में कायाकल्प का काम पूरा होने से क्षेत्र के छात्रों और कर्मचारियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा। यह पहल श्राइन बोर्ड की आध्यात्मिक जनादेश से परे सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- सचिन कुमार वैश्य, सीईओ, श्राइन बोर्ड