ग्रीष्मकालीन छुटिटयां मिलने के बाद स्कूल से बाहर निकलती छात्राएं।
-भीषण गर्मी की परेशानी से राहत के लिए बनाईं ढेरों योजनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। स्कूलों में ग्रीष्मकालीन छुटि्टयां पड़ते ही गर्मी से मुरझा रहे विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे हैं। शुक्रवार को ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व स्कूलों में अध्ययन का अंतिम दिन था। अब विद्यार्थी जुलाई के मध्य में स्कूल लाैटेंगे। छात्रों संग उनके अभिभावक भी छुट्टियां पड़ने का इंतजार रहे थे।
स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से सात जून से 16 जुलाई तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किए गया है। अब अभिभावकों को सुबह जल्दी उठकर बच्चों को स्कूल भेजने और भीषण गर्मी में दोपहर को स्कूल से वापस लाने की रुटीन से फुर्सत मिल गई है। छात्रों संग अभिभावक भी छुटिटयां मिलने पर अब घूमने फिरने की योजनाएं बनाने में जुट गए हैं। किसी की पर्यटन स्थलों पर जाने की योजना है तो कई गांव में अपने रिश्तेदारों के घर कुछ दिन बिताने की योजनाएं बना रहें हैं। अवकाश पूर्व अध्ययन के लिए अंतिम दिन स्कूल पहुंचे छात्रों में उत्साह और उमंग नजर आई। सभी दोस्तों व सहेलियों के साथ छुटि्टयों को लेकर बनाई योजनाओं पर चर्चा करते दिखे।
होमवर्क और पढ़ाई का भी रखेंगे ख्याल
स्कूल से बाहर निकलते विद्यार्थियों ने बताया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश बेहद जरूरी है। इससे एक तो भीषण गर्मी में स्कूल आने-जाने की परेशानी से राहत मिलती है, दूसरा स्कूल से ब्रेक भी मिलता है जो दिमाग को तरोताजा बनाता है। विद्यार्थी अंजलि देवी, रितु कुमारी, विमल सिंह, अक्षय मल्होत्रा व अन्य ने बताया कि छुटि्टयों में घूमने फिरने के साथ पढ़ाई का भी खास ख्याल रखेंगे। सहपाठियों से दूरी हो गई है लेकिन फोन पर संपर्क बनाए रखेंगे। अध्ययन को लेकर शिक्षकों की भी राय जरूर लेंगे। उन्होंने बताया कि छुटि्टयों को लेकर कई योजनाएं बनाई हैं। रिश्तेदारों और परिवार संग घूमने फिरने के दौरान गुजारे पलों को यादगार बनाएंगे।