श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के छात्रों ने भद्रवाह में औद्योगिक यात्रा कर आवश्यक तेल उत्पादन की प्रक्रिया सीखी
कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय (एसएमवीडीयू) के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (एसओबीटी) के संकाय सदस्यों और बीएससी, बीटेक तथा पीएचडी के छात्रों के एक समूह ने हाल ही में भद्रवाह की एक शैक्षिक यात्रा की। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आवश्यक तेल उत्पादन और सफाई उत्पाद निर्माण से जुड़े छोटे पैमाने के औद्योगिक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था।
यात्रा के दौरान छात्रों और शिक्षकों ने हिमालयन एसेंशियल ऑयल्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का दौरा किया, जो इस क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी है और अपने उच्च गुणवत्ता वाले आवश्यक तेलों, विशेष रूप से लैवेंडर तेल, के लिए जानी जाती है। इस कंपनी ने सुगंधित पौधों की खेती और आवश्यक तेल उत्पादन को बढ़ावा देकर क्षेत्र के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इसके अलावा, छात्रों ने जेकेआरएलएम उम्मीद भद्रवाह की एक इकाई सेंटविन का भी भ्रमण किया, जो कपड़े धोने के साबुन और हस्तनिर्मित साबुन सहित विभिन्न सफाई उत्पादों के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। यहां छात्रों को उत्पादन प्रक्रिया और जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (जेकेआरएलएम) योजना के तहत चलाई जा रही उद्यमशीलता पहलों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण विशाल लैवेंडर के खेतों की खोज थी, जहां छात्रों ने लैवेंडर की खेती, कटाई और प्रसंस्करण की प्रक्रिया के बारे में सीखा। संकाय सदस्यों ने आवश्यक तेल निष्कर्षण के जैव प्रौद्योगिकी पहलुओं और विभिन्न उद्योगों में इसके अनुप्रयोगों पर छात्रों को मूल्यवान जानकारी प्रदान की।
इस यात्रा का समन्वय श्री पंचम सिंह और श्री प्रवीण ने किया, जो जेकेआरएलएम उम्मीद भद्रवाह के क्लस्टर समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं। यह यात्रा स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के प्रमुख डॉ. रत्न चंद्रा, डॉ. इंदु भूषण और डॉ. विनोद सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित की गई थी और पीएम उषा अनुदान के तहत प्राप्त धन से प्रायोजित थी।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रगति कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी यात्राएं छात्रों को उद्योग जगत की वास्तविक चुनौतियों और अवसरों से रूबरू कराती हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के और अधिक फील्ड विजिट, अतिथि व्याख्यान और केस स्टडी आयोजित करने पर जोर दिया, ताकि छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा और उद्योग-अनुसंधान के बीच तालमेल बनाने में मदद मिल सके।
इस शैक्षिक यात्रा ने सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच की खाई को पाटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। छात्रों ने जैव प्रौद्योगिकी के वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों को समझने के इस अवसर के लिए आभार व्यक्त किया और भविष्य में इस तरह के और अधिक कार्यक्रमों की अपेक्षा की।