उधमपुर। ऑल जम्मू-कश्मीर डेली वेजर्स संघर्ष समिति के बैनर तले शनिवार को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। शहीद सिंह पार्क में समिति के अध्यक्ष सनी कांत चिब की अध्यक्षता में चौकीदार, नंबरदार, आशा कार्यकर्ता, मिड-डे मील कुक और विभिन्न विभागों के अस्थायी कर्मियों ने रोष जताया।
कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों को शीघ्र पूरा करने के लिए कहा। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद दैनिक वेतनभोगियों को न तो नियमित किया और न ही न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का लाभ मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय पर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे।
चिब ने कहा कि डेली वेजर्स के लिए न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को बिना किसी देरी के लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार को 31 मार्च तक अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया कि यदि तय तिथि तक मांगें पूरी नहीं हुईं तो 2 अप्रैल से पूरे जम्मू-कश्मीर में हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
सरकार द्वारा विधानसभा में बायोमेट्रिक आधारित 1,00,501 कर्मचारियों का डेटा फाइनल करने की जानकारी दी गई है लेकिन सवाल यह है कि बिना बायोमेट्रिक व्यवस्था के पिछले 20 वर्षों से विभिन्न विभागों में कार्यरत अस्थायी कर्मियों का भविष्य क्या होगा? इनमें आशा कार्यकर्ता, मिड-डे मील कुक, लैंड डोनर, सीपीएम, एसबीएम, माली और चौकीदार शामिल हैं। समिति ने दो टूक कहा कि डेटा के नाम पर कर्मचारियों के साथ भेदभाव न किया जाए।