संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रही। स्थायी करने, बकाया वेतन जारी करने और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को लागू करने की कर्मचारी मांग कर रहे हैं। वहीं, दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में पेयजल सप्लाई न मिलने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं।
20 मार्च को कर्मियों ने हड़ताल शुरू की थी लेकिन इनका अभी तक कुछ समाधान नहीं हुआ है। इससे पेयजल सप्लाई को लेकर पेश आ रही परेशानी को दूर करने के लिए जलशक्ति विभाग अपने स्थायी कर्मचारियों और टैंकरों की सहायता से भरपूर कोशिश कर रहा है। शहरी इलाकों में तो हड़ताल का अधिक प्रभाव नजर नहीं आ रहा है लेकिन ग्रामीण इलाकों में जल आपूर्ति न मिलने से हालात बिगड़ रहे हैं। लोग पैदल लंबी दूरी तय कर नदी नालों और प्राकृतिक जलाशयों से पानी ढोने को मजबूर हो रहें हैं। हड़ताल लंबी खिंचने के आसार से लोग परेशानी में हैं। लोग मांग कर रहें हैं कि जल्द हड़ताल को खत्म करवाया जाए ताकि लोगों को पेश आ रहीं परेशानियों से राहत मिल सके।
वहीं, सरकार और हड़ताली कर्मियों के बीच मांगों को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। जम्मू में प्रदर्शन लगातार जारी है। मंगलवार को उधमपुर के बाडेयां पंपिंग स्टेशन पर जमा होकर जिला के अस्थायी कर्मियों की तरफ से भी मांगों के समर्थन में रोष जताया गया। यूनियन के सदस्य अजय समेलिया ने कहा कि सरकार हमारी मांगों को पूरा करने के लिए कुछ नहीं कर रही है। इसलिए हमारी सरकार को यह चेतावनी है कि मांगें पूरी होने तक वे हड़ताल को खत्म नहीं करेंगे। उग्र प्रदर्शन का सिलसिला भी शुरू करना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे कर्मियों पर लाठीचार्ज किए जाने की भी कड़ी निंदा की।