शहरवासी लंबे समय से परेशान, टॉर्च का सहारा लेकर गुजर रहे लोग, 150 स्ट्रीट लाइटें लगेंगी
उधमपुर। स्ट्रीट लाइट की कमी के चलते शाम ढलते ही शहर की अधिकतर सड़कों व गलियों में घना अंधेरा छा जाता है। इसके चलते शहरवासियों को इन अंधेरी गलियों व सड़कों से गुजरने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोग टॉर्च का सहारा लेकर यहां से गुजरते हैं, लेकिन फिर भी इन अंधेरी गलियों व सड़कों पर लावारिस कुत्तों के काटने के डर के साथ ही कई तरह की आपराधिक घटनाएं होने और हादसों का भी खतरा परेशान करता है। हालांकि लगभग छह महीने पहले नगर परिषद की तरफ से शहर की समस्या को दूर करने के लिए 150 स्ट्रीट लाइटें लगाने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन कई महीने का समय गुजर जाने के बाद भी अब तक इस पर कोई काम नहीं हो पाया है।
शहर के मुख्य बस अड्डा से महिला थाना और मुख्य पुलिस स्टेशन वाली सड़क, एमएच चौक से लेकर टॉउन हाल सड़क, एचएम रोड, रेहमती इलाके की सड़कें और गलियां, सैरगाह रोड, हाउसिंग कालोनी की मुख्य सड़कें तथा संबल रोड इत्यादि में तो स्ट्रीट लाइट का नामोनिशान तक नजर नहीं आता है। इसी तरह वार्ड नंबर 12 और 17 के पिटनबढ, और सूई रोड पर भी बीते तीन महीने से स्ट्रीट लाईटें खराब पड् हैं। इन सभी जगहों पर शाम ढलते ही घना अंधेरा छा जाता हैं। इसी तरह शहर के मुख्य चौक चौराहों पर लगाई गईं कई हाई मास्ट लाइटें भी लंबे समय से खराब पड़ी हैं, नगर परिषद अभी तक इनकी मरम्मत का काम भी पूरा नहीं करवा सका है।
शहर की गलियों व सड़कों पर स्ट्रीट लाइट का बंदोबस्त बेहद जरूरी है। खासकर सर्दी के इस मौसम में शाम को 6 बजे ही अंधेरा हो जाता है जबकि लोग काम काज खत्म कर रात को दस बजे तक भी घरों को लौटते हैं। ऐसे में गलियों व सड़कों पर पसरा अंधेरा काफी परेशानी पैदा करता है।
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अशोक कुमार
स्ट्रीट लाइट नहीं होने से टार्च जलाकर गुजरना पड़ता है। शहर में इस तरह की समस्या चिंताजनक है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से अंधेरी सड़कों पर कई तरह की अपराघिक घटनाएं होने का भय बना रहता है। नगर परिषद को जल्द इस समस्या को दूर करना चाहिए ताकि शहरवासियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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यशपाल शर्मा
मौजूदा समय में शहर में लावारिस कुत्तों की भरमार हैं, ऐसे में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से इनके काटने का खतरा अधिक बना रहता है। टार्च की सीमित रोशनी में इन कुत्तों के आसपास होने की मौजूदगी का भी पता नहीं चल पाता है और कई बार यह हमलावर भी हो जाते हैं। इसलिए स्ट्रीट लाइट की समस्या का जल्द से जल्द हल किया बेहद जरूरी है।
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रमेश कुमार
स्ट्रीट लाइट की कमी कई तरह के हादसों के लिए खुला न्योता है। आजकल अंधेरा जल्दी हो जाता है और ठंड का मौसम होने के कारण लोगों की पैदल आवाजाही भी कम रहती है। ऐसे में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं होना अपराधिक घटनाओं का खतरा भी बढ़ा रहा है। खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए अकेला इन गलियों व सड़कों से गुजरना तक मुश्किल हो रहा है।
करतार चंद
इमरजेंसी में जो भी लाइटें खराब हैं उनकी मरम्मत की जा रही है। इसके अलावा शहर में नई स्ट्रीट लाइटों को लेकर डीपीआर तैयार की जा रही है, नववर्ष पर जल्द ही शहरवासियों को इस समस्या से राहत मिल जाएगी।
-राजिंदर ढींगरा, सीईओ नगर परिषद