उधमपुर के थलोड़ा गांव के किसान विनोद शर्मा ने 2 कनाल से शुरू कर 9 कनाल में फैलाया स्ट्रॉबेरी उत्पादन
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर दूसरों को भी दे रहे रोजगार
सौरभ सागर
उधमपुर। मेहनत और लगन से मिट्टी भी सोना उगलने लगती है। इसकी जीती-जागती मिसाल हैं उधमपुर जिले की मजालता तहसील के थलोड़ा गांव के प्रगतिशील किसान विनोद शर्मा, जिन्होंने महज पांच साल पहले ढाई कनाल जमीन से शुरू किया स्ट्रॉबेरी का सफर आज 9 कनाल में फैल चुका है। आज उनकी इस ''''लाल सोने'''' की खेती से न केवल उन्हें रोजाना 10 हजार रुपये से अधिक की आमदनी हो रही है, बल्कि आधा दर्जन युवाओं को भी रोजगार मिल रहा है।
विनोद शर्मा का कहना है कि बागवानी विभाग द्वारा कैपेक्स बजट के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है। विभाग युवाओं को कृषि से जोड़ने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण के साथ-साथ तकनीकी और आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रहा है। जिले में लगभग 6 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले स्ट्रॉबेरी उत्पादन पर प्रति कनाल 13 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाती है, जबकि प्रति कनाल उत्पादन पर मात्र 20 से 23 हजार रुपये का खर्च आता है।
विनोद शर्मा शुरुआत में रोजाना 250 ग्राम के 200 पैकेट उधमपुर और जम्मू बाजार में सप्लाई करते थे, जो अब बढ़कर 400-450 पैकेट तक पहुंचने की संभावना है। बाजार में इन पैकेट्स की कीमत 35 से 50 रुपये प्रति पैकेट है, जिससे उनकी दैनिक आय 10 हजार रुपये से अधिक हो रही है।
इस साल शुष्क मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन बीच-बीच में हुई बारिश ने स्ट्रॉबेरी की फसल को बचाए रखा। हालांकि, स्ट्रॉबेरी उत्पादन के लिए नियमित सिंचाई अत्यंत आवश्यक है, इसलिए विभाग ने किसानों को बोरवेल की सुविधा उपलब्ध कराई है। साथ ही, पक्षियों से बचाव के लिए नेट और पैक हाउस भी दिए गए हैं, जिससे किसानों को काफी लाभ हुआ है।
किसान मदन शर्मा ने बताया कि बागवानी विभाग से मिली जानकारी और सब्सिडी योजना के तहत 1 लाख 17 हजार रुपये की सहायता मिलने के बाद उन्होंने अपने स्ट्रॉबेरी उत्पादन को 9 कनाल तक बढ़ा लिया है। वे भविष्य में इसे और अधिक विस्तार देने की योजना बना रहे हैं। (संवाद)
जिले में स्ट्राबेरी की पैदावार में बढ़ोतरी हुई है और कई किसानों इससे बेहतर आमदन भी हो रही हैै। जिले के किसान उधमपुर सहित अन्य हिस्सों में भी इसकी सप्लाई कर रहे हैं। आनेवाले समय में इसके उत्पादन और क्षेत्रफल काफी अधिक और बेहतर होने के आसार हैं। :
बृजवल्लभ गुप्ता, सीएचओ उधमपुर।