उधमपुर। शहर के सुभाष चौक इलाके में बनने वाली रोटरी का दुकानदारों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। दुकानदारों का कहना है कि नगर परिषद और ग्रेफ ने सुभाष चौक पर रोटरी बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर दिए हैं। जितना पैसा इस पर खर्च किया गया है, इससे अच्छा होता कि इस पैसे को किसी दूसरे विकास कार्य पर खर्च किया जाता। वहीं कुछ दुकानदारों ने तो अब धार रोड के फोरलेन के कार्य पर भी सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है। इनका कहना है कि ग्रेफ को अपनी मनमानी किसी कीमत पर भी नहीं करनी दी जाएगी।
माई टाउन माई प्राइड के तहत सरकार ने शहर के सुभाष चौक पर नई रोटरी बनाने के लिए करीब 14 लाख रुपये मंजूर किए थे। कमिश्नर सेक्रेटरी रेवेन्यू ने इसके कार्य का शिलान्यास अक्तूबर 2020 में किया था। इसका काम शुरू होने में आठ महीने लग गए। कोरोना संकट से थोड़ी राहत मिलने के बाद नगर परिषद ने करीब चार दिन पहले नगर परिषद ने सुभाष चौक पर पुरानी रोटरी को तोड़ कर नई रोटरी बनाने का काम शुरू किया। अब कुछ दुकानदारों ने इस कार्य का विरोध करना शुरू कर दिया है। दुकानदारों का कहना है कि बिना किसी कारण के बार बार से रोटरी का निर्माण किया जा रहा है। कभी ग्रेफ इस पर पैसा खर्च कर रहा है तो कभी नगर परिषद खर्च कर रहा है। पुराने राजमार्ग और धार रोड के जुड़ने वाले स्थान पर रोटरी बनाई जा रही है। इसके लिए रेवेन्यू रिकार्ड का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। अशोक सहगल ने कहा कि एक रोटरी पर बार बार लाखों रुपये खर्च करने का मतलब क्या है। इससे अच्छा तो पहले की रोटरी का कायाकल्प कर दिया होता। इस पैसे को किसी दूसरे विकास कार्य खर्च करते तो दूसरे लोगों को भी लाभ मिलता।
अंकित सेंसर ने तो रोटरी के निर्माण कार्य विरोध करने के साथ धार रोड के फोरलेन के कार्य को लेकर भी सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि ग्रेफ व प्रशासन बिना रेवेन्यू रिकार्ड की जांच किए ही काम कर रहा है। इससे दुकानदारों को परेशान किया जा रहा है। धार रोड के किनारे पर स्थित दुकानों के दुकानदारों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। रेवेन्यू रिकार्ड के अनुसार पहले सड़क के सेंटर स्थान की पहचान की जाए और उसके बाद ही रोटरी व धार रोड के फोरलेन का कार्य शुरू किया जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो दुकानदार इसका कड़ा विरोध करेंगे।