बाण गंगा से भवन तक और आसपास के पहाड़ी क्षेत्र की स्वच्छता के लिए श्राइन बोर्ड ने नए सिरे से प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस सिलसिले में अर्द्धकुंवारी और बालनी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाए जाएंगे।
इसके अलावा पालीथिन पर पूरी तरह से रोक लगाने, घोड़े की लीद और अन्य प्रकार की बढ़ती गंदगी से निपटने के लिए क्षेत्रीय लोगों को शिक्षित करने और सहयोग के लिए प्रेरित करने की कवायद तेज की गई है।
यात्रा मार्ग पर बढ़ती गंदगी और इससे त्रिकुटा पहाड़ी की हरियाली को पहुंच रही क्षति के समाधान के लिए पालीथिन इस्तेमाल पर रोक के आदेश को जमीनी सतह पर अमलीजामा पहनाने का बोर्ड ने फैसला किया है।
विशेषतौर पर बारिश के दौरान पालीथिन के रेनकोट के इस्तेमाल को संजीदगी से लिया गया है। इसे बाण गंगा चेक पोस्ट से आगे जाने की अनुमति नहीं दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
इसनिर्णय को श्राइन बोर्ड और पुलिस प्रशासन मिल कर अमलीजामा पहनाएगा। भवन मार्ग पर घोड़े की लीद जैसी गंदगी से निपटने के लिए बायो गैस प्लांट तक लीद पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
इसके लिए स्थानीय लोगों को सहयोग करने के लिए गंभीरता से जागरूक किया जाएगा। बाण गंगा से भवन तक पौधारोपण की दिशा में बोर्ड का पहले से प्रयास जारी है। गौरतलब है कि शुक्रवार को बोर्ड अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन और भवन मार्ग के व्यवसायियों की बैठक हुई, जिसमें भवन मार्ग के सौंदर्यीकरण पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बाण गंगा का होगा आधुनिकीकरण
श्राइन बोर्ड के सीईओ एके साहु के अनुसार बाण गंगा जैसे प्रमुख पड़ाव के आधुनिकीकरण के लिए आसपास के पचास मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की डंपिंग पर रोक लगाई गई है। आसपास के गंदगी को बाण गंगा के पवित्र जल से दूर रखने के लिए फेंसिंग का काम भी शुरू किया गया है। बाण गंगा घाट को भी विकसित किए जाने की योजना है।
श्राइन बोर्ड जल्द ही डिस्पोजल आइटम का इस्तेमाल करना बंद कर रहा है। इसके लिए स्थानीय दुकानदारों को भी जागरूक किया जा रहा है। अर्द्धकुंवारी और बालनी में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का काम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा। समूची त्रिकुटा पहाड़ी की स्वच्छता के लिए जमीनी सतर पर प्रयास तेज किए गए हैं।
-एके साहु, सीईओ, श्राइन बोर्ड