उधमपुर। आज के दौर में महिलाएं घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर न केवल हुनर को निखार रही हैं बल्कि आर्थिक स्वावलंबन की मिसाल भी पेश कर रही हैं। शहर का जय दुर्गा स्वयं सहायता समूह इसका प्रेरणादायक उदाहरण है जो आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनाकर महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत समूह की नींव वर्ष 2024 में रखी गई थी। ग्रुप की संचालिका नविता वर्मा बताती हैं कि शुरुआत में सफर चुनौतीपूर्ण था लेकिन दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत ने इसे सफल व्यापार में बदल दिया। वर्तमान में ग्रुप से 20 महिलाएं जुड़ी हैं जो पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों वाली आर्टिफिशियल ज्वेलरी तैयार करती हैं।
महिलाएं विशेष रूप से त्योहारों, शादियों और सांस्कृतिक आयोजन के लिए आकर्षक और स्टाइलिश आभूषण तैयार करती हैं। नविता वर्मा के अनुसार इस कार्य से न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधरी है बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। सीजन के आधार पर सालाना आय निर्धारित होती है। विभिन्न प्रदर्शनियों और विशेष मौकों पर आयोजित सेल में उत्पादों को ग्राहकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिलती है।
स्थिर प्लेटफॉर्म की चुनौती
सफलता के बावजूद समूह को कुछ तकनीकी और बुनियादी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नविता वर्मा का कहना है कि उनके पास हुनर की कोई कमी नहीं है लेकिन एक स्थिर प्लेटफॉर्म या नियमित दुकान न होने के कारण वे कला को बड़े स्तर पर प्रदर्शित नहीं कर पा रही हैं। उनका मानना है कि यदि एक निश्चित स्थान उपलब्ध हो जाए तो वे व्यापार को और अधिक विस्तार दे सकती हैं और अधिक ग्राहकों तक पहुंच सकती हैं।
समूहों को बढ़ावा देने के लिए विभाग प्रतिबद्ध
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन उधमपुर के कम्युनिटी ऑर्गनाइजर संजीव शर्मा ने कहा कि विभाग समूहों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मार्केटिंग को लेकर आने वाली चुनौतियों को दूर करने और समूहों को बेहतर मंच प्रदान करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।