खिड़कियां और दरवाजे टूटे, नहीं रह पा रहा कोई छात्र
दूरदराज के क्षेत्रों से आने-जाने से प्रतिदिन घंटों समय हो रहा बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। चिनैनी कस्बे के हायर सेकेंडरी स्कूल के पास विद्यार्थियों के लिए बनाए गए बॉयज हॉस्टल की हालत अत्यंत दयनीय हो चुकी है। हॉस्टल की खिड़कियां और दरवाजे टूटे हुए हैं, जबकि इमारत की स्थिति भी खराब होने के कारण कोई भी विद्यार्थी वहां नहीं रह पा रहा है। दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को प्रतिदिन स्कूल आने-जाने में घंटों समय बर्बाद करना पड़ता है, जबकि यदि हॉस्टल ठीक हो तो उनका यह समय बच सकता है और वे अपनी पढ़ाई पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे।
सीनियर सिटीजन क्लब के प्रधान शशि शेखर थापा ने बताया कि यह हॉस्टल वर्ष 1997 में बनाया गया था और कुछ वर्षों तक छात्रों ने इसका लाभ भी उठाया। हालांकि, पिछले कुछ सालों से इसकी हालत बदतर होती जा रही है। खिड़कियों और दरवाजों के टूटे होने के साथ-साथ कई बार हॉस्टल के अंदर जहरीले कीड़े भी देखे गए हैं, जिससे छात्रों के लिए वहां रहना असुरक्षित हो गया है। नतीजतन, कई छात्रों को चिनैनी में किराए के कमरे लेने पड़ते हैं, जबकि कुछ को रोजाना लंबा सफर तय करना पड़ता है। थापा ने संबंधित विभाग से हॉस्टल की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि छात्रों को इसका लाभ मिल सके।
स्थानीय छात्रों ने भी अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि यदि हॉस्टल की हालत ठीक हो जाए तो वे वहां रहकर पढ़ाई कर सकेंगे। चिरडी, टंडार और अन्य दूरदराज के इलाकों से आने वाले छात्रों ने कहा कि उन्हें रोजाना स्कूल आने-जाने में तीन से चार घंटे का समय लग जाता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि हॉस्टल की मरम्मत करवाकर इसे रहने लायक बनाया जाना चाहिए, ताकि उनका कीमती समय बच सके और वे अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल आंचल सिंह ने बताया कि उन्होंने हॉस्टल की समस्या को लेकर संबंधित विभाग को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इस मामले में सुधार होगा और छात्रों को हॉस्टल की सुविधा मिल पाएगी।
स्थानीय लोगों और छात्रों का कहना है कि हॉस्टल की मरम्मत करवाना जरूरी है, क्योंकि इससे न केवल छात्रों का समय बचेगा, बल्कि उनकी शिक्षा भी बेहतर हो सकेगी। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है।