उधमपुर महिला थाना प्रभारी राशिका शर्मा ने छात्राओं को दिया निर्भय होकर जागरूक रहने का संदेश
भारती विद्या मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित किया गया दोस्त पुलिस कार्यक्रम
दोस्त पुलिस के लोगो सहित लगाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। अपने हौसलों को हमेशा बुलंद रखें किसी भी तरह की प्रताड़ना या छेड़छाड़ पर लाचार न बनें बल्कि उसका खुलकर विरोध करें। जरूरत पड़ने पर पुलिस से संपर्क करें क्योंकि पुलिस आपकी दोस्त है जो हर कदम पर आपकी सुरक्षा और हिफाजत के लिए तैनात है। यह बातें उधमपुर महिला थाना प्रभारी राशिका शर्मा ने भारती विद्या मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं से कहीं।
पुलिस को जानने और समझने के लिए अमर उजाला की ओर से दोस्त पुलिस कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत संत ईश्वर भारतीय विद्या मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल की सातवीं से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं को मंगलवार को महिला पुलिस थाने की शैक्षणिक यात्रा कराई गई।
इस दौरान एसएचओ राशिका ने छात्राओं का स्वागत किया। उन्होंने छात्राओं को अपने कार्यालय में बैठाकर पुलिस की कार्यप्रणाली समझाई। इसके बाद पूरे थाना परिसर का भ्रमण बना वहां बने बैरक, शस्त्रागार, मालखाना, मैस आदि की उपयोगिता बताई।
उन्होंने छात्राओं के अधिकार और उनकी हिफाजत के लिए बनाए गए कानूनों की जानकारी दी। एफआईआर दर्ज करने से लेकर जांच तक की प्रक्रिया और जीरो एफआईआर प्रणाली की भी जानकारी दी गई। एसएचओ राशिका ने छात्राओं के सवालों का जवाब बड़ी सहजता और सरलता के साथ दिया जिससे छात्राओं को अपराध नियंत्रण प्रणाली समझने में आसानी रही।
राशिका ने छात्राओं को यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसी प्रताड़ना का शिकार होने पर पुलिस की मदद जरूर लेने की सलाह दी। उन्होंने छात्राओं को मोबाइल फोन का उपयोग कम से कम करने और खेलकूद आदि के माध्यम से खुद को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भविष्य में आप में से ही कोई प्रधानमंत्री, आईएएस अधिकारी, डॉक्टर, इंस्पेक्टर या फिर अन्य अधिकारी बनेगा। इसलिए मोबाइल फोन आदि में समय व्यर्थ कर अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ न होने दें। खासकर साइबर ठगी जैसी बढ़ती घटनाओं से भी खुद को सचेत रखें। छात्राओं के साथ एडवोकेट सुहानी कटोच और शिक्षिका नेहा शर्मा भी मौजूद थीं।
इनसेट में
पॉक्सो अधिनियम क्या है :
यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम-2012 पॉक्सो एक्ट कहलाता है। इसके नियम बच्चों को शारीरिक, भावनात्मक या यौन शोषण से बचाने के लिए बनाए गए हैं। सभी चरणों में बच्चों के हितों की रक्षा भी की गई है। 18 वर्ष से कम आयु के पुरुष, महिला समेत सभी व्यक्ति पॉक्सो अधिनियम के तहत सुरक्षा पाने के हकदार हैं।
साइबर ठगी में क्या होता है:
साइबर फ्रॉड या साइबर ठगी, एक तरह का साइबर अपराध है जो ऑनलाइन धोखेबाजी, डेटा चोरी, सिस्टम हैकिंग और फिरौती जैसी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता है। साइबर ठगी में अपराधी उपयोगकर्ताओं की संवेदनशील जानकारी चुराने और उसका दुरुपयोग करने के लिए विभिन्न तकनीकी साधनों का इस्तेमाल करते हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराध:
महिलाओं के खिलाफ अपराध में घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, हत्या, कन्या भ्रूणहत्या आदि शामिल हैं। अगर कोई भी बच्ची या महिला इनमें से किसी भी अपराध की शिकार होती है तो पुलिस पीड़िता की मदद के लिए हमेशा उसके साथ है। वह आरोपियों के खिलाफ कड़ा रवैया अपनाती है। वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से भी महिला अधिकारों की रक्षा की जाती है।
बाल विवाह अधिनियम:
बाल विवाह अधिनियम भारत में बालिकाओं और बालकों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु निर्धारित करने वाला कानून है। भारत में बाल विवाह को रोकने के लिए कई कानून बने हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण बाल विवाह निषेध अधिनियम-2006 है। इसके तहत 18 वर्ष की लड़की और 21 वर्ष के लड़के से कम उम्र में शादी करना अपराध है। इसलिए बाल विवाह का सूचना मिलने पर पुलिस को जरूर सूचित करें।