कोरोना संकट के बीच फीस मांगने वाले निजी स्कूलों पर होगी सख्त कार्रवाई निजी स्कूलों के खिलाफ सीईओ के पहुंची शिकायतें अमर उजाला ब्यूरो उधमपुर। कोरोना संकट के बीच निजी स्कूलों ने विद्यार्थियों के अभिभावकों को फोन कर फीस जमा कर अपने संपर्क में रहने वाली स्टेशनी कर दुकान से किताबें खरीदने के लिए दबाव बना शुरू कर दिया है। इसकी सूचना जब शिक्षा विभाग के सीईओ को मिली तो उन्होंने अधिसूचना जारी कर स्कूल के प्रबंधकों को चेतावनी दी कि अगर किसी को फीस देने पर मजबूर किया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि कोरोना संकट के कारण करीब एक महीने से सभी निजी स्कूल बंद है। वहीं पिछले दिनों सरकार ने आदेश जारी किया था कि कोरोना संकट के कारण जब तक स्कूल बंद रहेंगे, कोई भी विद्यार्थियों से फीस नहीं मांगेगा। अगर कोई अभिभावकों को फीस जमा करवाने के लिए मजबूर करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन शहर में निजी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों ने फोन के जरिए अभिभावकों को फीस जमा करवाने के आदेश देना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं अभिभावकों को अपने संपर्क में रहने वाली स्टेशनरी की दुकाने किताबें खरीदने के भी आदेश देना शुरू कर दिया है। इसकी शिकायतें जब शिक्षा विभाग के सीईओ पीडी शर्मा के पास पहुंची तो उन्होंने अधिसूचना जारी कर सभी को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने अधिसूचना में कहा है उच्च अधिकारियों ने आदेश दिया है कि कोरोना संकट के बीच कोई भी निजी शिक्षण संस्थान विद्यार्थियों से फीस नहीं मांगेगा। अगर कोई मांगता है तो यह सरकार के आदेश का उल्लंघन होगा। इसको किसी कीमत पर भी सहन नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।