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Udhampur News: ताराकोट मार्ग से सांझी छत्त के लिए रोपवे का काम शुरू

Sat, 02 Nov 2024 01:51 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
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रोपवे को लेकर प्रेस वार्ता करते व्यापार मंडल के सदस्य। संवाद - फोटो : katra
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व्यापार मंडल ने धर्मनगरी में की प्रेस वार्ता, रोपवे की अलाइनमेंट को ताराकोट मार्ग से हटकर मां वैष्णो देवी के पारंपरिक मार्ग पर करने की अपील
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संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। श्राइन बोर्ड ने ताराकोट मार्ग से सांझी छत्त के लिए रोपवे का कार्य शुरू कर दिया है। यह जानकारी धर्मनगरी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान श्री माता वैष्णो देवी व्यापार मंडल के सदस्य ने दी।
सदस्य ने बताया कि श्राइन बोर्ड पारंपरिक मार्ग को अनदेखा कर लाखों लोगों की रोजी-रोटी और पारंपरिक मार्ग का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म करने पर उतारू हो गया है। मगर उपराज्यपाल ने कहा था कि लोगों को विश्वास में लेकर कार्य शुरू किया जाएगा। मगर बोर्ड ने काम शुरू कर दिया है। इसके लिए सरकार को सोचना चाहिए।
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वहीं, स्थानीय श्री माता वैष्णो देवी व्यापार मंडल के सदस्यों ने कहा कि वह शुरू से ही इस रोपवे की अलाइनमेंट का विरोध कर रहे हैं। इसको लेकर समय-समय पर उपराज्यपाल की ओर से गठित कमेटी के अध्यक्ष डिविजनल कमिश्नर जम्मू के साथ ही श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सदस्य डॉ. अशोक भान और सुरेश शर्मा, सीईओ श्राइन बोर्ड एंड अंशुल गर्ग, डीसी विशेष पाल महाजन, विधायक श्री माता वैष्णो देवी विधानसभा बलदेव राज शर्मा के साथ मिलकर अपना विरोध दर्ज करवा चुके हैं। उन्होंने अपील की है कि रोपवे की अलाइनमेंट को ताराकोट मार्ग से हटकर मां वैष्णो देवी के पारंपरिक मार्ग पर किया जाए। श्री माता वैष्णो देवी व्यापार मंडल के सदस्यों ने कहा कि अगर रोपवे परियोजना और अलाइनमेंट ताराकोट मार्ग पर बनाई जाती है तो मां वैष्णो देवी की यात्रा के प्रति आस्था श्रद्धालुओं में कमी रहेगी और व्यापार वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। क्योंकि ताराकोट मार्ग पर रोपवे योजना शुरू होने से प्रतिदिन 10000 से 15000 श्रद्धालु इस सेवा का लाभ उठाएंगे और सीधे ताराकोट मार्ग की ओर रुख करेंगे। इससे धर्मनगरी कटड़ा के साथ मां वैष्णो देवी के पारंपरिक मार्ग के व्यापारी वर्ग को भारी नुकसान होगा। मां वैष्णो देवी की यात्रा तभी पूरी मानी जाती है जब श्रद्धालु सभी धार्मिक स्थलों के दर्शन करते हुए मां वैष्णो देवी की यात्रा करें। इसके बाद भैरो बाबा के दर्शन करें। इसमें बाणगंगा, चरण पादुका, अर्ध कुंवारी आदि प्रमुख हैं। इस रोपवे परियोजना से यह सभी धार्मिक स्थल छूट जाएंगे। इससे मां वैष्णो देवी की धार्मिक तथा आध्यात्मिक यात्रा को ठेस पहुंचेगी। समय-समय पर सभी उच्च अधिकारियों को इसके बारे में अवगत करवा दिया गया है। मगर अभी तक कोई आश्वासन नहीं मिला है।
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श्री माता वैष्णो देवी व्यापार मंडल के सदस्यों ने कहा कि अगर आगामी 10 नवंबर तक रोपवे की अलाइनमेंट पारंपरिक मार्ग पर चेंज किए जाने को लेकर अगर किसी भी तरह का आश्वासन नहीं मिलता है तो लोगों तथा व्यापारी वर्ग के साथ उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। यह हड़ताल और प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक रोपवे अलाइनमेंट पारंपरिक मार्ग की ओर नहीं कर दी जाती। प्रेस वार्ता में श्री माता वैष्णो देवी व्यापार मंडल के सदस्य ओंकार सिंह, डॉ. करण सिंह, प्रभात सिंह (मंगली), शेर सिंह, नरेंद्र शर्मा, रणजीत सिंह, सोहन सिंह, राम सिंह के अलावा मंडल के अन्य सदस्य शामिल थे।
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