उधमपुर: टिकरी पंचायत की जरमाड़ा गांव में सड़क बनाने का कार्य करती हुई महिलाएं.
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उधमपुर। टिकरी ए पंचायत के जरमाड़ा गांव में सड़क की मरम्मत में जुटी महिलाओं की मदद को अब ग्रामीण विकास विभाग सामने आया है। अमर उजाला की ओर से ग्रामीणों की इस समस्या को प्रमुखता के साथ उठाए जाने पर ग्रामीण विकास विभाग ने जेसीबी को मौके पर भेजकर सड़क की मरम्मत की है। इससे ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली है। वहीं महिलाओं का कहना है कि सड़क की अस्थायी मरम्मत स्थायी समाधान नहीं है। इसका स्थायी समाधान पक्की सड़क बनने के बाद ही होगा।
जरमाड़ा गांव में महिलाएं गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा से बचाने के लिए आठ दिन से मरम्मत में जुटी हुई हैं। उनका कहना है कि उनके गांव में पक्की सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण दो महिलाओं ने अपने नवजात को खो दिया है। इसके साथ ही दो लोगों की समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण मौत हो चुकी है। गांव में कुछ महिलाएं गर्भवती हैं और उनको प्रसव पीड़ा से बचाने के लिए ही वे सड़क की मरम्मत में जुटी हुई हैं। वहीं अमर उजाला इस समस्या को तीन दिन से प्रमुखता के साथ उठा रहा है और लगातार महिलाओं के दर्द को सामने रखा जा रहा है।
जब इसके बारे में जिला प्रशासन को जानकारी मिली तो ग्रामीण विकास विभाग को सड़क की मरम्मत करवाने के दिशा-निर्देश दिए हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने जेसीबी को मौके पर भेज कर मिट्टी डालकर मार्ग की अस्थायी रूप से मरम्मत करवाई है। इससे मार्ग की हालत में थोड़ा सुधार हुआ है लेकिन महिलाएं इससे पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हैं। सीमा देवी व अन्य महिलाओं ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग ने मिट्टी डालकर मरम्मत करवाई है। अगर बारिश होती है तो यह मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो जाएगी और उनकी परेशानी दोगनी हो जाएगी, इसलिए उनकी मांग है कि इस सड़क को पक्का कर राहत प्रदान की जाए।
जरमाड़ा के ग्रामीणों ने बैक टू विलेज कार्यक्रम के दौरान प्रिंसिपल सेक्रेटरी के सामने परेशानी को रखा था। सड़क के नए सिरे से निर्माण करने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने कभी सड़क के कारण किसी नवजात की मौत के बारे में आज तक नहीं बताया है।
-पूर्ण चंद, नायब तहसीलदार टिकरी