उधमपुर के जरमाड़ा गांव में सातवें दिन भी सड़क की मरम्मत के कार्य में जुटी महिलाएं
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उधमपुर। टिकरी ए पंचायत के जरमाड़ा गांव में मंगलवार देर रात को चंचला देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने उनको चारपाई पर डालकर मुख्य सड़क तक ले जान के बाद अस्पताल पहुंचाया। जहां चंचला ने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। वहीं जब गांव में महिलाओं को इसका पता चला तो वे बुधवार को सातवें दिन जोश के साथ फावड़े लेकर सड़क के मरम्मत के कार्य में जुट गईं। उनके सहयोग के लिए कुछ पुरुष भी काम में लगे रहे।
जरमाड़ा गांव में पिछले कई दिनों से महिलाएं फावड़े लेकर सड़क की मरम्मत के कार्य में जुटी हुई हैं। महिलाओं का कहना है कि वे नहीं चाहती हैं कि गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा का सामना करना पड़े और अपने नवजात की जान गंवानी पड़े। दो महिलाएं समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण अपने बच्चों को खो चुकी हैं। मौजूदा समय में तीन महिलाएं गर्भवती हैं और इनको सुरक्षित तरीके से अस्पताल तक पहुंचाने के लिए सड़क की मरम्मत में जुटी हुई हैं। हालांकि रात करीब 10 बजे अचानक से एक महिला चंचला देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिवार व ग्रामीणों ने पहले ही इसको लेकर तैयारी कर रखी थी। महिला को चारपाई में रखकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया और फिर उनको वाहन के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां समय पर उन्होंने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। यह खबर सुनने के बाद महिलाओं ने राहत की सांस ली और बुधवार को घरों के काम खत्म करने के बाद फावड़े लेकर सड़क पर पहुंचीं। महिलाओं का कहना था कि किसी ने उनकी सुध तो लेनी नहीं है, इसलिए अब खुद ही मरम्मत कर सड़क की हालत सुधारनी चाहती हैं। कोई नहीं चाहता है कि बदहाल मार्ग के कारण किसी को अपनी जान गंवानी पड़े। वहीं महिलाओं की मदद को पुरुष भी काम कर रहे हैं।