- दारांगली नाला में सोमवार देर रात हादसा, पंचायत डंगाकोट के चरालाकोट के रहने वाले थे युवक
- मंगलवार सुबह घटना का पता चला, गांव में पसरा मातम, परिजन का रो-रोकर बुरा हाल
रियासी। भमाग तहसील क्षेत्र में मंगलवार को हुए सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान मुल्तान सिंह उर्फ मन्नू पुत्र रतन सिंह और जगदेव सिंह पुत्र बलवान सिंह निवासी चरालाकोट, पंचायत डंगाकोट के रूप में हुई है। जगदेव सिंह की इस महीने की 10 तारीख को शादी होनी थी। हादसे की जानकारी मिलते ही चरालाकोट में शादी का जश्न मातम में बदल गया।
दारांगली नाला में सोमवार देर रात को हादसा हुआ। अंधेरे के कारण खाई में गाड़ी गिरने का पता नहीं चल सका। मंगलवार सुबह यात्री वाहन में सवार कुछ लोगों ने खाई में गिरे वाहन को देखा। इसके बाद वे अपने वाहन रोककर खाई की तरफ गए। इस दौरान देखा कि लोड करियर (जेके 20 ए 0385) बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है और मौके पर दो युवक बेसुध पड़े हैं। जब इनकी जांच की गई तो मृत मिले। दोनों की उम्र करीब 25 वर्ष बताई जा रही है। लोगों ने शवों को मुख्य मार्ग तक लाया गया, बाद में सब सेंटर डंगाकोट में भिजवाया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वाहन सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गया और दोनों की मौके पर ही जान चली गई। हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। गांववासी इस बात को लेकर दुखी थे कि जिस घर में कल तक जगदेव की शादी की तैयारियां चल रही थी, वहां अब उसके अंतिम संस्कार का इंतजाम किया जा रहा है। मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए घर में दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा।
साढ़ी के लिए रवाना होनी थी बारात, दिया जा रहा था न्योता
जगदेव सिंह के घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। उसकी बारात साढ़ी के लिए रवाना होनी थी। अगले दिन लंच का कार्यक्रम था। पारिवारिक सदस्य निमंत्रण पत्र बांटने में लगे थे। रिश्तेदारों से रौनक बढ़ गई थी। शादी के लिए जरूरी सामान को एकत्रित किया जा रहा था। सात दिन पहले हुए दर्दनाक हादसे ने खुशियों को शोक में बदल दिया। परिजनों को जैसे ही जगदेव की मौत की खबर मिली तो वह बेसुध हो गए। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल था। जिस घर में शहनाई गूंजनी थी वहां का माहौल रुदन में बदल गया। दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार दोपहर को श्मशानघाट में किया गया। अंतिम यात्रा में काफी संख्या में लोग पहुंचे। हादसे से हर किसी की आंख नम थी।