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Udhampur News: दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने किया सत्संग, संगत को समझाया ध्यान का महत्व

Mon, 01 May 2023 01:55 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
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उधमपुर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की तरफ से सुभाष नगर स्थित पुरुषोत्तम धाम में सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें स्वामी सुचेता नंद ने संगत को ध्यान की महत्वता बताई। उन्होंने कहा कि आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, डिप्रेशन आदि कुछ ऐसे शब्द हैं जो हमारी जिंदगी का अभिन्न अंग बनते जा रहें हैं। नौबत यह आन पड़ी है कि दिन-भर की भागदौड़ के बाद भी रात को सोने के लिए लोग नींद की गोलियों का सहारा लेते हैं। कैसी विडंबना है ये ? आज के इंसान ने खाने के लिए विभिन्न व्यंजन तो जुटा लिए, पर वह पैसों से भूख नहीं कमा पाया। आज हमने सोने के लिए मखमली गद्दे तो खरीद लिए, पर आंखों में नींद नहीं खरीद पाए। आज हमने तन के लिए सुख-सुविधाएं तो इकट्ठी कर ली, पर हमारे मन का चैन कहीं खो गया। आज बेशक हमने बहुत तरक्की कर ली, बहुत कुछ अर्जित कर लिया, लेकिन परिणाम क्या है दु:ख, अवसाद, और डिप्रेशन। और अंतत: इसी डिप्रेशन का शिकार हुआ व्यक्ति आत्महत्या जैसे घृणित कृत्य करने में भी संकोच नहीं करता। आखिर कैसे इस डिप्रेशन रूपी सुरसा का मुख बंद किया जाए ? कैसे अवसाद व तनाव के अंधकार का भेदन किया जाए ? इसके लिए जरूरत है आत्म-दर्शन के सनातन प्रकाश की। जरूरत है आत्म-ज्योति के जागरण की और नित्य नियम से ध्यान साधना करने की। उन्होंने कि गुरुदेव आशुतोष महाराज अक्सर कहते हैं कि अगर किसी कक्ष में सालों से अंधकार व्याप्त हो तो उसमें विभिन्न प्रकार के जहरीले जीव-जन्तु जैसे साँप, बिच्छू, मकड़ी इत्यादि अपना घर बना लेते हैं। अब अगर हम इन्हें कक्ष से बाहर निकालना चाहते हैं तो हमें एक-एक को पकड़ने की जरूरत नहीं है। मात्र एक कार्य करने की आवश्यकता है, उस कक्ष में प्रकाश कर दीजिए। देखते ही देखते ये सब जीव अपने आप बाहर चले जाएंगे। इसी प्रकार हमारे भीतर भी अंधकार व्याप्त है। हम जब आंखें बंद करते हैं तो हमें केवल अंधेरा ही दिखता है। इसी अज्ञानता के अंधकार के कारण ही हमारे अंदर तनाव-डिप्रेशन जैसे साँप, बिच्छू घर कर गए हैं। जिस दिन हमारे अंदर भी पूर्ण गुरु की कृपा से आत्मा का प्रकाश झिलमिलाएगा, अवसाद-तनाव भी छूमंतर हो जाएगा। बचेगा तो केवल शांति, आनंद और उल्लास।
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