रियासी। जिला पुलिस लाइन में शुक्रवार को एयर मॉक ड्रिल में आपातकालीन परिस्थितियों में तैयारियों को परखा गया। रस्सी के सहारे जवान नीचे उतरे और फिर बचाव अभियान चलाया। संभावित एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति में सबसे अहम चुनौती समय पर अधिक लोगों की जान बचाना रहा।
इसके बाद उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए मशक्कत की गई। ड्रिल में सिविल डिफेंस, प्रशासन,एनडीआरएफ, चिकित्सक, एंबुलेंस, फायर एंड इमरजेंसी तथा बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय का प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि रियासी और जम्मू-कश्मीर में स्थिति पूरी तरह सामान्य है लेकिन एहतियात के तौर पर मॉक ड्रिल जरूरी है। भविष्य में कभी आपातकालीन स्थिति बनती है तो लोग घबराएं नहीं बल्कि समझदारी से काम लेते हुए खुद और दूसरों को सुरक्षित रखने में सहयोग करें।
रामबन में ब्लैकआउट से परखी आपदा तैयारी
रामबन। आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रशासन ने सिविल डिफेंस एयर रेड ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की। रात 8:35 से 8:50 बजे तक ब्लैकआउट रहा जिसकी शुरुआत सायरन बजाकर की गई। अभियान में पुलिस, सिविल प्रशासन, होमगार्ड, सिविल डिफेंस इकाइयों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल सहित कई एजेंसियों ने भाग लिया। एरिया कमांडेंट कुलदीप कुमार के नेतृत्व में विभागों के बीच तालमेल सुनिश्चित किया गया। नागरिकों ने पूर्ण सहयोग करते हुए घरों व संस्थानों की लाइटें बंद रखीं।