उधमपुर। ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ की जगत को शिक्षा देने वाले संत गुरु रविदास जी की 645वीं जयंती बुधवार को धूमधाम से मनाई गई। जिले में स्थित गुरु रविदास के मंदिरों से प्रभात फेरियां निकालकर दीवान सजाए गए। शबद कीर्तन कर रागी जत्थों ने संगत को निहाल किया। लंगर लगाए गए, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया। एमएच चौक स्थित मंदिर में दिन भर शबद गायन चलता रहा। दोपहर को लंगर बरताया गया। जयंती को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए।
इससे पहले एक फरवरी से गुरु रविदास सभा उधमपुर की तरफ से तड़के प्रभात फेरियां निकाली जा रही थीं। बुधवार को आखिरी प्रभात फेरी तड़के चार से छह बजे तक निकाली गई। सुबह आठ बजे से मंदिर में संगत माथा टेकने के लिए पहुंचना शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने लंबी कतारों में लगकर गुरु के चरणों में माथा टेक सुख-समृद्धि की अरदास की। सुबह आठ बजे से नौ बजे तक आरती और अरदास कार्यक्रम चला। भक्तों ने भजन कीर्तन कर गुरु की महिमा का गुणगान किया। गुरु रविदास सभा के प्रधान ने सभी को प्रकाशोत्सव की बधाई दी। मंदिर के बाहर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। पुलिस और सुरक्षाबल के जवान सुरक्षा के साथ ही यातायात व्यवस्था को संभालने में जुटे रहे।
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रामनगर में बैंड-बाजे संग निकाली शोभायात्रा, भक्ति में डूबा शहर
संवाद न्यूज एजेंसी
रामनगर। गुरु रविदास की जयंती पर रामनगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें शहर व ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में संगत ने हिस्सा लेकर गुरु की महिमा का गुणगान किया। मंदिर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन के साथ भंडारा लगाया गया।
सुबह मंदिर के प्रधान बद्रीनाथ की अगुवाई में शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा गुरु रविदास मंदिर से रामनगर के चिगलीचोरी मुख्य बाजार से होते हुए वापस मंदिर में संपन्न हुई। ढोल पर नाचते हुए चल रहे थे। संगत ने सड़कों की सफाई कर सेवा का संदेश दिया। इस दौरान निकाली गई झांकी का जगह-जगह फूलों की वर्षा के साथ स्वागत किया गया। संगत ने मंदिर में भजन-कीर्तन किया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। मंदिर के प्रधान बद्रीनाथ ने कहा कि गुरु रविदास ने हमें नेकी की राह दिखाई है। उनके विचार समाज को जोड़ते हैं। करोना के कारण बीते साल शोभायात्रा नहीं निकाली जा सकी थी, लेकिन इस बार प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान कई स्थानों पर खाने-पीने के स्टॉल लगाए गए थे।
उधमपुर : गुरु रविदास मंदिर में माथा भगत तथा भजन गाते भगत वाह बैठी संगत.- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर : गुरु रविदास मंदिर में माथा भगत तथा भजन गाते भगत वाह बैठी संगत.- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर : गुरु रविदास मंदिर में माथा भगत तथा भजन गाते भगत वाह बैठी संगत.- फोटो : UDHAMPUR