खबर का प्रभाव का लोगो लगाएं
- समाचार प्रकाशित होने के बाद जल शक्ति विभाग ने लिया संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
रामनगर। जल शक्ति विभाग ने अमर उजाला में प्रकाशित समाचार का संज्ञान लेते हुए पिछले दो से घरों में आ रहे मिट्टी वाले पानी की समस्या हल कर दी। शुक्रवार की सुबह स्वच्छ जल की आपूर्ति होने पर स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने समाचारपत्र का आभार जताया।
बता दें कि अमर उजाला ने वीरवार के संस्करण में रामनगर में मिट्टी वाले पानी की आपूर्ति से लोगों में रोष शीर्षक के साथ खबर प्रकाशित की थी। वहीं, लोगों ने गंदे पानी की आपूर्ति होने पर जल शक्ति विभाग के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए प्रदर्शन किया था। शुक्रवार को साफ पानी आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। उनकी मांग है कि विभाग रोजाना साफ पानी सुचारु रूप से मुहैया करवाए।
उधर पूर्व पार्षद व समाजसेवक संजीव जंडियाल ने विभाग को चेतावनी दी है कि अगर रोजाना स्वच्छ पानी की आपूर्ति घरों में नहीं हुई तो वह लोगों के साथ सड़कों पर उतरेंगे। उनका कहना है कि फिल्टर प्लांट होने के बावजूद गंदे पानी की सप्लाई क्यों दी जा रही है। दूषित पानी के सेवन से लोग बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। विभाग को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
कर्मचारियों की कमी के कारण समस्या पेश आई
जल शक्ति विभाग के जेई रितेश आनंद ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के चलते समस्या पेश आई। कोई नहीं चाहता कि कस्बे में गंदे पानी की सप्लाई हो। इस समय फिल्टर प्लांट पर दो कर्मचारी काम कर रहे हैं। हालांकि कार्यालय में तीन फिल्टर प्लांट हैं। दो फिल्टर प्लांट की जिम्मेदार एक कर्मचारी संभाल रहा है लेकिन ये दोनों कर्मचारी पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से फिल्टर प्लांट पर ड्यूटी दे रहे हैं। अब 24 घंटे तो कोई भी कर्मचारी काम नहीं कर सकता। पहले एक फिल्टर प्लांट पर तीन कर्मचारी होते थे। कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह समस्या आ रही है। अगर सरकार कर्मचारियों की नियुक्ति करती है तो पानी की समस्या का समाधान भी हो जाएगा।