रामनगर। क्षेत्र में यात्री वाहनों में स्कूली और कॉलेज छात्रों को न बैठाने, ओवरलोडिंग और मनमानी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग सख्त हो गया है। एआरटीओ मुदस्सिर इकबाल ने कस्बे में मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों व ट्रांसपोर्टरों को सख्त चेतावनी जारी की।
लगातार मिल रही शिकायतों के बीच एआरटीओ मंगलवार सुबह टीम के साथ रामनगर पहुंचे जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों और छात्रों की समस्याओं को सुना। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परिवहन व्यवस्था में पाई गई खामियों पर नाराजगी जाहिर करते स्पष्ट कहा कि यात्रियों, विशेषकर छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव या लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कघोट क्षेत्र में हाल ही में हुए बस हादसे के बाद कई बस चालक स्कूली और कॉलेज छात्रों को वाहनों में बैठाने से कतराने लगे हैं। इसके चलते छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई इलाकों पर ग्रामीण लोगों ने विरोध भी जताया था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एआरटीओ ने बस चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी चालक छात्रों को बस में बैठाने से इनकार नहीं करेगा। ऐसी शिकायत पर संबंधित चालक और वाहन मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खराब मार्गों पर धीमी गति से चलाएं वाहन
उन्होंने ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है बल्कि यात्रियों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। रामनगर-उधमपुर मार्ग पर प्रतिदिन कई बसें रवाना होती हैं और हर 15 मिनट में एक बस उपलब्ध रहती है। इसके बावजूद यदि ओवरलोडिंग की शिकायत मिलती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। एआरटीओ ने चालकों को निर्देशित किया कि खराब मार्गों पर वाहन धीमी गति से चलाएं और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। साथ ही जिन रूटों पर बसों की कमी है वहां नए परमिट जारी करने के लिए विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई।
बसों की छतों पर सामान न रखें
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बसों की छतों पर सामान रखकर अतिरिक्त लोडिंग करना नियमों के खिलाफ है और इस पर भी कार्रवाई होगी। इसके अलावा ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को निर्धारित किराया ही लेने और नियमों के तहत वाहन संचालन के निर्देश दिए गए।