जम्मू-श्रीनगर मार्ग पर स्थित खैरी भूस्खलन क्षेत्र भारी बारिश में एक बार फिर तबाही मचा सकता है। यहां हर बारिश में भारी भूस्खलन होता है और पहाड़ों से पस्सियां और मलबा गिरता है। इससे यातायात बंद हो जाता है।
बारिश और भूस्खलन के कारण खैरी में पहाड़ी से मलबा गिरने से कुछ दिन पहले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। इसके बाद पहाड़ी से गिरने वाले मलबे को रोकने के लिए मार्ग किनारे सुरक्षा दीवार तो बनाई गई, लेकिन यह दीवार पहाड़ी से गिरने वाले मलबे को रोकने में कारगार नहीं मालूम पड़ती।
बारिश के कारण पहाड़ी से थोड़ा-थोड़ा कर लगातार मलबा गिरता ही जा रहा है। खैरी में पहाड़ी से गिरा मलबा सड़क किनारे तो है ही, लेकिन अगर लगातार दो से तीन घंटे बारिश हो जाती है तो हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों को पहाड़ी से गिरने वाले मलबा को मार्ग तक पहुंचने से रोकने के लिए ठोस प्रबंध करने होंगे। खैरी में होने वाले भूस्खलन का अध्ययन जियोलोजिकल सर्वे आफ इंडिया विभाग के वैज्ञानिक करेंगे। गौरतलब है कि बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा गिरने पर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने हो गया था।