पंजाबी को जम्मू-कश्मीर की आधिकारिक भाषाओं में शामिल करने की मांग को लेकर जम्मू में चल रहा पंजाब
जम्मू। पंजाबी को जम्मू-कश्मीर की आधिकारिक भाषाओं में शामिल करने की मांग और तेज हो गई है। मोर्चे को अब राजनीतिक दलों का भी समर्थन मिल रहा है। महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा स्थल पर चल रहा धरना बुधवार को सातवें दिन में प्रवेश कर गया। मोर्चे को भाजपा और कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिला। सिंबल कैंप और चट्ठा से भी लोगों ने रैली निकालकर धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन जताया।
भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह रैना के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने धरनास्थल पर पहुंचकर मांग का समर्थन किया। प्रतिनिधिमंडल में विधायक विक्रम रंधावा, विधायक सुरिंदर भगत, पूर्व एमएलसी रणजीत सिंह खालसा समेत अन्य नेता शामिल रहे। भाजपा नेताओं ने जम्मू-कश्मीर सरकार से पंजाबी को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने के लिए विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर बिल लाने की मांग की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधानसभा में भाजपा के सभी 29 विधायक बिल का समर्थन करेंगे। संवाद