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टोल प्लाजा के विरोध में धरना, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी

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कठुआ। लखनपुर टोल प्लाजा के विरोध में शहीदी चौक पर शांतिपूर्वक धरना दे रहे ऑल पार्टी टोल प्लाजा एक्शन कमेटी सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि बाद में सभी को रिहा कर दिया गया है। इस बीच कमेटी के सदस्यों ने पुलिस और प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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वीरवार सुबह ऑल पार्टी टोल प्लाजा एक्शन कमेटी के सदस्यों ने कठुआ के मुख्य शहीदी चौक में एक धरना प्रदर्शन किया। इसमें कमेटी के सदस्य सामाजिक दूरी का पालन करते हुए चौक किनारे धरना दे रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि लखनपुर में स्थापित किए गए नए टोल प्लाजा को बंद किया जाए। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को कोविड-19 का हवाला देकर प्रदर्शन बंद करने के लिए कहा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बहसबाजी शुरू हो गई। पुलिस ने धरने पर बैठे आधा दर्जन से अधिक सदस्यों को हिरासत में ले लिया और बाद में रिहा कर दिया।
कमेटी सदस्य आईडी खजूरिया ने पुलिस के इस रवैया को तानाशाही रवैया और लोकतंत्र की हत्या करने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि कमेटी के सदस्य शांतिपूर्वक शहीदी चौक के एक किनारे बैठ कर धरना दे रहे थे। लेकिन उन्हें ऐसा करने से भी रोका जा रहा है। उधर, धरना स्थल पर मौजूद पैंथर्स जिला अध्यक्ष रॉबिन शर्मा ने बताया कि उन्हें उपराज्यपाल के कठुआ दौरे के दौरान पहले नेगेटिव और फिर पाजीटिव बताया गया। सरकार की मंशा विरोध में आने वाले हर स्वर को दबाने की है।
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अतिरिक्त जिला पुलिस प्रमुख रमनीश गुप्ता ने बताया कि कोविड गाइडलाइन के तहत धरने प्रदर्शनों की अनुमति नहीं है। धरना दे रहे लोगों में एक व्यक्ति पहले ही कोरोना संक्रमित पाया जा चुका है। ऐसे में अन्य लोगों में भी संक्रमण फैलने का खतरा था। पुलिस ने धरना दे रहे लोगों को एहतियातन हिरासत में लेकर बाद में रिहा कर दिया है।
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