रामनगर। बिजली की अघोषित कटौती व लो-वोल्टेज की समस्या से परेशान निंबला वासी रविवार देर रात करीब 10 बजे बिजली विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। उन्होंने रामनगर-उधमपुर मार्ग जाम कर विभाग के उच्च अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। आरोप लगाया कि जेई सुदेश कुमार पर समस्या बताने पर अभद्रता करते हैं। उसे सस्पैंड किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने रामनगर-उधमपुर मार्ग भी रात करीब 12.30 बजे तक जाम रखा।
निंबला गांव में रविवार की सुबह करीब 8 बजे से ही बिजली गुल हो गई थी। जब ग्रामीणों ने देर शाम करीब 7.30 बजे बिजली कार्यालय में जाकर इसकी जानकारी हासिल करनी चाही तो वहां कोई भी अधिकारी मौजूद नही था। वहां मौजूद अस्थायी कर्मचारियों ने बताया कि एईई जम्मू और जेई घर चले गए हैं। जब ग्रामीणों ने जेई सुदेश कुमार के मोबाइल पर संपर्क साधा कर बिजली की समस्या के बारे में बात करनी चाही तो वह अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। इससे ग्रामीण भड़क गए। इसके बाद उन्होंने करीब 10 बजे एक जुलूस निकाले हुए बिजली कार्यालय पहुंचे। वहां पर उस समय कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद नही थे। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी रामनगर-उधमपुर मुख्य सड़क पर धरना देकर बैठ गए। इससे दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। इसी दौरान मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी जसविंदर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन वह बिजली की सप्लाई सुचारु किए जाने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद थाना प्रभारी ने जेई सुदेश कुमार से संपर्क साध बिजली सेवा बहाल करने की बात की। इसके बाद दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बिजली सेवा बहाल हो गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि विभाग में तैनात कुछ लापरवाह अधिकारियों की गौर लापरवाही के कारण ही अक्सर निंबला गांव की बिजली काट दी जाती है। लेकिन भविष्य में अगर ऐसा हुआ तो वह विभाग के अधिकारियों का घेराव करने को मजबूर हो जाएंगे।