उधमपुर। सरकारी कालेजों में नियुक्त अस्थायी लेक्चरर्स को मिनट के हिसाब राशि दिए जाने के सरकारी आदेश के विरोध में अस्थायी लेक्चररों ने हड़ताल रख कर रोष जताया। लेक्चरर्स का कहना है कि इस आदेश ने अस्थायी लेक्चरर की परेशानी को दुगना कर दिया है। किसी कीमत पर भी अस्थायी लेक्चरर इस आदेश को नहीं मानेंगे। वहीं अस्थायी लेक्चरर की हड़ताल के कारण जिले के सभी कालेजों में शिक्षा बुरी तरह से प्रभावित रही।
उधमपुर में छह सरकारी कालेज हैं और सभी कालेजों में ज्यादातर अस्थायी लेक्चरर नियुक्त किए हैं। इन्हीं के भरोसे कालेजों में शिक्षा का स्तर चलता है। कई वर्षों से अस्थायी लेक्चरर स्थायी बनाने की मांग कर रहे है, लेकिन आज तक इस मांग को पूरा नहीं किया, वहीं अब नए सरकारी आदेश ने इनकी परेशानी को बढ़ा दिया है। सरकार आदेश के अनुसार अब कालेजों में नियुक्त अस्थायी लेक्चरर को मिनट के हिसाब से राशि दी जाएगी। जितने लेक्चर कालेज विद्यार्थियों को दिए जाएंगे, उसी के हिसाब से इनको राशि दी जाएगी। जबकि इससे पहले सबको महीने के हिसाब से वेतन दिया जाता है। इसी के विरोध में बुधवार को सभी सरकारी कालेजों में अस्थायी लेक्चरर हड़ताल पर रहे। सभी कालेजों में तो पहुंचे, लेकिन किसी ने काम नहीं किया। विद्यार्थी कक्षाओं में बैठ कर लेक्चरर के पहुंचने का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई भी अस्थायी लेक्चरर कक्षा में नहीं पहुंचे। अस्थायी लेक्चरर्स ने कहा कि सरकार ने बिना सोचे समझे आदेश जारी कर दिया है। अस्थायी लेक्चरर कम वेतन पर कड़ी मेहनत कर विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। सभी स्थायी प्रोफेसर के समान ही कालेजों में काम कर रहे हैं। फिर इस तरह का आदेश क्यों जारी किया है। इससे तो उनकी परेशानी कम होने के बजाए और भी बढ़ जाएगी। इसी के विरोध में आज पूरे संभाग में अस्थायी लेक्चरर हड़ताल पर है। अगर सरकार ने जल्द अपना आदेश वापस नहीं लिया तो मजबूरन अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को भी मजबूर हो जाएंगे।