उधमपुर में डीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करते लोग।
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उधमपुर। दिल्ली में 600 वर्ष पुराने गुरु रविदास मंदिर तोड़े जाने के विरोध में प्रदर्शन करने वाले गिरफ्तार किए गए प्रदर्शकारियों को रिहा करने की मांग को लेकर गुरु रविदास सभा के सदस्यों ने सोमवार को डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और अपनी मांग का राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन डीसी उधमपुर को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने गलत को लोगों को गिरफ्तार किया है। इसको किसी कीमत पर भी सहन नहीं किया जाएगा।
सुबह करीब 11 बजे गुरु रविदास सभा के सदस्य गोविंद राम के नेतृत्व में लोगों ने डीसी कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान गोविंद राम ने कहा कि पिछले दिनों सोची समझी साजिश के तहत गुरु रविदास का 600 वर्ष पुराना मंदिर तोड़ दिया गया है। मंदिर को तोड़ जाने से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाई गई। इसके विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए। 21 अगस्त को देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों ने दिल्ली पहुंच कर रामलीला ग्राउंड में प्रदर्शन किया और सरकार से मांग की कि मंदिर का पहले तरह से निर्माण किया जाए, लेकिन दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले 90 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर लिया और अभी तक इनको छोड़ा नहीं गया है। गुरु रविदास सभा पुलिस की इस कार्यप्रणाली कड़े शब्दों में निंदा करती है और दिल्ली पुलिस से मांग करती है कि जल्द से जल्द निर्दोष लोगों को रिहा किया जाए। हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। इस तरह किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है। आज सभी उधमपुर में प्रदर्शन कर अपनी बात को राष्ट्रपति तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन डीसी को सौंपा जा रहा है। उम्मीद है कि राष्ट्रपति उनकी परेशानी को समझेंगे और गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब लोगों को छोड़ नहीं जाता है, तब तक इसी तरह से आंदोलन करते रहेेंगे।