अस्पताल में स्टाफ की कमी और ट्रामा सेंटर में सुचारु शुरू करने की मांग पर युवाओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार अस्पताल में पिछले कई दिनों से हादसे हो रहे हैं।
इनकी भी उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए एजाज सूंबरिया ने कहा उधमपुर में मेडिकल सुविधाओं के नाम पर केवल प्राथमिक उपचार ही किया जाता है।
विभाग, प्रशासन और राजनीति दल भी अस्पताल में सुविधाएं प्रदान कराने में विफल रहे हैं। एमरजेंसी सुविधाएं भी पर्याप्त नहीं हैं। जो कोई भी मरीज अस्पताल पहुंचता है।
थोड़ा सा गंभीर केस होने पर उसे भी जम्मू रेफर कर दिया जाता है। कई लोगों को डाक्टरों की लापरवाही के कारण जान से हाथ धोना पड़ रहा है।
उन्होंने मंगलवार को नवजात शिशु की मौत के हादसे की आला स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा अगर अस्पताल की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो 20 जुलाई के बाद से आमरण अनशन किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों में रफी अहमद, सुनील शर्मा, दीपककुमार आदि लोग मौजूद थे।