- डोर टू डोर कूड़ा जमा करने की सेवा भी ठप, जगह-जगह गंदगी से लबालब हुआ शहर
उधमपुर। लगातार जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर अब गंदगी के भंडार में तबदील होना शुरू हो गया है। शहर का ऐसा कोई भी चौक चौराहा या गली मोहल्ला ऐसा नहीं हैं जहां गंदगी के ढेर न लगे हों परंतु प्रशासन की ओर से इस समस्या से निपटने के लिए कोई भी उचित प्रबंधन नहीं किए गए हैं। सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले तीन दिनों से काम छोड़ हड़ताल पर हैं और ऐसे में डोर टू डोर कूड़ा जमा करने वाले सेवा भी ठप पड़ हुई है। जिसकी वजह से शहरवासी गंदगी की समस्या से दो चार हो रहे हैं। हालांकि विभिन्न संगठन भी सफाई कर्मचारियों की जायज मांगों का पुरजोर समर्थन कर रहे हैं लेकिन जगह-जगह लगे कचरे के ढेर को लेकर प्रशासन की ओर से कोई भी उचित कदम न उठाए जाने की वजह से लोगों में रोष भी व्याप्त है।
हर चौक चौराहे पर लगे गंदगी के ढेर
शहर के मुख्य चौराहों में दोमेल चौक, डीसी कार्यालय और कचहरी परिसर के साथ लगते आदर्श कालोनी मोड़ तिराहे और सलाथिया चौक, सेलें तालाब चौक, विनस चौक, मेन बाजार, चबूतरा बाजार, सीएमओ कार्यालय परिसर के बाहर, पुराने राजमार्ग किनारे शिव नगर इलाके सहित हाउसिंग कालोनी, आदर्श कालोनी सहित कई अन्य रिहायशी इलाकों में भी जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। जिससे सार्वजनिक स्थलों पर लगे कूड़ेदानों से लेकर डंपिंग प्वाइंटस पर कूड़े का अंबार जमा हो गया है। स्थानीय लोगों को तो परेशानी हो ही रही है लेकिन वहां से गुजरने वाले राहगीरों को भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
क्या हैं सफाई कर्मचारियों की मांगें-
- अस्थायी कर्मियों को पक्का किया जाए।
- पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
- सफाई कर्मियों की कमी को दूर किया जाए।
- खाली पदों को भर्ती की जाए।
- एसआरओ 43 का लाभ दिया जाए।
मात्र आश्वासन पर नहीं खत्म होगी हड़ताल
सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान डेविड का आरोप है कि उन्हें हर बार झूठे आश्वासन दिए जाते हैं लेकिन आज तक उनकी कोई भी मांग नहीं पूरी नहीं की गई। सफाई कर्मियों की कमी की वजह से काम को लोड अधिक बढ़ गया है लेकिन उनके हित में आज तक कोई कदम नहीं उठाए गए। पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग को हर बार नजर अंदाज किया जाता रहा है लेकिन इस बार अपनी मांगों को लेकर झूठे आश्वासनों पर हडताल खत्म नहीं की जाएगी।
डोर टू डोर सेवा बंद होने से भी बड़ी समस्या
डोर टू डोर सेवा का करार नामा खत्म होने की वजह से भी समस्या ओर गंभीर हो गई है। जिसकी वजह से शहर के 21 वार्डों से लोगों के घरों से कूड़ा जमा न होने की वजह से शहरवासियों को मजबूरन चौक चौराहों पर कूड़ा जमा करना पड़ रहा है। जिसकी वजह से पिछले तीन दिनों से जगह-जगह गंदगी के ढेर लगते जा रहे हैं।
शहर में सफाई व्यवस्था को फिर से सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों के पूरा होने तक हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उम्मीद है कि बुधवार को कोई उचित समाधान कर दिया जाएगा।
- विशाल सडोत्रा, सीईओ नगर परिषद।
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