मिडिल स्कूल जोफर में स्टाफ की कमी दूर करने की मांग पर ग्रामीणों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि अगर विभाग ने जल्द समस्या का हल नहीं किया तो सड़कों पर उतरेंगे।
सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे नरेंद्र शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सीईओ कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान मो. तारिक, चरण दास, सुभाष चंद्र, हंस राज, अब्दुल और अन्य कई ग्रामीणों ने बताया कि मिडिल स्कूल जोफर की आठ कक्षाओं में सौ के करीब विद्यार्थी शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
इन विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए शिक्षा विभाग ने केवल दो स्कल नियुक्त किए हैं। शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा दिन ब दिन प्रभावित हो रही है।
आठवीं का बोर्ड का परीक्षा परिणाम दिन ब दिन गिर रहा है। ग्रामीण अपनी आंखों के सामने बच्चों का भविष्य खराब होता हुआ देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2011 में शिक्षा विभाग ने प्राइमरी स्कूल को अपग्रेड कर मिडिल स्कूल बनाया था। पर स्कूल में स्टाफ को नहीं बढ़ाया गया।
स्कूल में एक वर्ष से उर्दू का शिक्षक नियुक्त नहीं किया गया है। उर्दू का शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चे उर्दू नहीं पड़ पा रहे हैं। कई बार शांति पूर्ण तरीके से अपनी समस्या को जेडईओ के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन कोई इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा है।
इसी से परेशान होकर आज सभी सीईओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर अब भी शिक्षा विभाग ने समस्या को गंभीरता से लेकर स्टाफ की कमी को दूर नहीं किया तो प्रदर्शन तेज करने को मजबूर हो जाएंगे।