टिकरी के लडयाल गांव में आग से दो परिवार बेघर
उधमपुर। शहर और आसपास के टिकरी इलाके में रविवार सुबह आग लगने की दो अलग-अलग घटनाओं में लाखों की संपत्ति जलकर खाक हो गई। हालांकि गनीमत रही कि इन हादसों में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है।
पहली घटना टिकरी ब्लॉक की पंचायत जसरकोट के लडयाल गांव (वार्ड-4) में रविवार तड़के करीब तीन बजे हुई। यहां संयुक्त परिवार में रहने वाले करण सिंह और कुलदीप सिंह (पुत्र स्व. धनी राम) के कच्चे टीन वाले रिहायशी मकान में अचानक भीषण आग लग गई।
परिवार और आसपास के लोग आग बुझाने के लिए तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि इसे काबू पाने में दो घंटे से अधिक समय लग गया। इस दौरान घर में रखा सारा सामान टीन की छत, दीवारें, कपड़े, बिस्तर, बर्तन, गहने, नकदी सब कुछ जलकर राख हो गया।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं है। जब रात 3 बजे के आसपास एक कमरे से धुआं उठते देखा, तो पूरा परिवार बाहर आ गया। लेकिन, जब तक आग बुझाने का प्रयास किया जाता, लपटें तेज हो चुकी थीं।
स्थानीय लोगों की मदद से पशु बाड़े से मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लेकिन, दमकल विभाग की सुविधा न मिलने के कारण आग पर काबू पाने में घंटों लग गए, जिससे दोनों भाईयों का पूरा परिवार बेघर हो गया। पीड़ितों का कहना है कि अब उनके पास खाना बनाने के लिए बर्तन तक नहीं बचे हैं।
उधमपुर शहर में वीरान इमारत में लगी आग
दूसरी घटना सुबह करीब 5:30 बजे उधमपुर शहर के वार्ड-16, सैला तालाब के पास पचियाला चौक में हुई। यहां एक पुरानी, वीरान पड़ी खंडहरनुमा इमारत में अचानक आग लग गई।
आसपास के लोगों ने जब इमारत से धुआं उठते देखा, तो तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। दमकल कर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे यह आसपास की इमारतों तक नहीं फैल सकी।
जानकारी के अनुसार इस इमारत के मालिक दशकों पहले जम्मू चले गए थे और यह कई सालों से वीरान पड़ी थी। लकड़ी का अधिक इस्तेमाल होने के कारण आग तेजी से फैली। अगर दमकल विभाग समय पर नहीं पहुंचता, तो आसपास की इमारतों को भी खतरा हो सकता था। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घटनाओं के संबंध में अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संवाद