उधमपुर: दरसू क्षेत्र में तवी नदी क्रास करते हुए बराती
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करीब पांच दशक से लोग लगातार सड़क और पुल की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अभी भी इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया। इसके कारण क्षेत्र की कई गर्भवती महिलाएं प्रसव में उपचार केंद्र तक न पहुंच पाने के कारण रास्ते में दम तोड़ चुकी हैं। बच्चे स्कूल जाते समय नदी में बह गए। अधिकतर बच्चों को पढ़ने के लिए उधमपुर व आसपास के इलाकों में भेज दिया है। बहुत से युवा सड़क न होने की वजह से पलायन कर गए। अब इलाके में करीब तीन हजार के करीब आबादी शेष है। पलायन अभी भी जारी है।
डीसी को ज्ञापन, बैक टू विलेज में भी उठाई समस्या
गोविंद राम शर्मा ने बताया कि उधमपुर के उपायुक्त रहे बसीर अहमद खान और शाहिद इकबाल को ज्ञापन सौंपा गया। बाद में जब बैक टू विलेज कार्यक्रम शुरू हुआ तो पहले और दूसरे चरण में पंचायत में आए वित्त विभाग के उप सचिव सलीम बेग को यह समस्या बताई गई। तीसरे चरण में पीडीडी के उप सचिव रजनीश गुप्ता को भी इस दिक्कत के बारे में बताया गया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
तवी नदी पर पुल न होने के कारण पंचायत तक सड़क भी नहीं है। इससे इलाके की चैनी पंचायत, बैंसता, गोगड, धार, थरोडा, बनी देवी और दरसू पंचायतों के हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जनप्रतिनिधियों ने बैक टू विलेज के विभिन्न चरणों में आए प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष भी इस मामले को मुख्य रूप से उठाया। डीडीसी, बीडीसी, मंत्रियों को भी कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। लोग तो झूला पुल ही बन जाए, उसमें भी खुश रहेंगे। -करनैल सिंह, सरपंच, चैनी पंचायत।