उधमपुर/जिब। प्रदेश और जिला प्रशासन बच्चों को घर द्वार पर शिक्षा मुहैया करवाने के दावे कर रहा है, लेकिन आज भी कई ऐसे स्थान हैं जहां पर मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। इनका खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हीं में से एक प्राइमरी स्कूल छितरंबल है। यह स्कूल एक बदहाल कमरे में चल रहा है, जोकि चिंताजनक है।
प्रदेश और जिला प्रशासन के दावे छितरंबल प्राइमरी स्कूल को देख कर खोखले साबित हो रहे हैं। एक कमरे के स्कूल की हालत इतनी खराब है कि बच्चे सही ढंग से शिक्षा भी ग्रहण नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा पानी की सुविधा नहीं होने के कारण शौचालय में ताला लटका हुआ है।
20 साल पहले स्थापित स्कूल की आजतक किसी ने सुध नहीं ली है। यह आज भी एक बदहाल कमरे में चलाया जा रहा है। बारिश में छत टपकती है, जिस कारण बच्चों को छुट्टी करनी पड़ती है। वहीं, स्कूल के पास ही एक टीन के शेड में मिड-डे-मील बनाया जाता है। इस स्थिति से शिक्षक भी चिंतित हैं।
वहीं स्कूल प्रभारी का कहना है कि कई बार विभाग के उच्च अधिकारियों को स्कूल में पानी का प्रबंध करवाने तथा क्षतिग्रस्त इमारत की रिपेयर करवाने की मांग की गई है। लेकिन अभी तक इसपर कोई भी विशेष कारवाई नहीं हो पाई हैं।
- मोहम्मद अकरम, प्रभारी, प्राइमरी स्कूल छितरंबल