संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। सरकारी डिग्री कॉलेज मजालता ने समाज कल्याण विभाग के सहयोग से नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए अतिथि व्याख्यान और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रोफेसर नरेश कुमार ने कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. (डॉ.) शालिनी शर्मा के मार्गदर्शन में इसका आयोजन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और लोगों को मादक द्रव्यों के सेवन के विनाशकारी प्रभावों और इस सामाजिक खतरे को खत्म करने में सामूहिक प्रयासों के महत्व के बारे में शिक्षित करना था। इसमें समाज कल्याण विभाग, जम्मू-कश्मीर पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ड्रग कंट्रोलर और खाद्य विभाग, कॉलेज के विद्यार्थी व स्टाफ शामिल हुआ। व्याख्यानों में युवाओं के बीच नशीली दवाओं के दुरुपयोग में खतरनाक वृद्धि व समाज पर इसके प्रभाव पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने मादक द्रव्यों के सेवन के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए जागरूकता, शीघ्र हस्तक्षेप और पुनर्वास कार्यक्रमों की आवश्यकता पर जोर दिया।
सत्र को प्रभावशाली बनाने के लिए वास्तविक जीवन के अनुभव, सांख्यिकीय डेटा और निवारक उपाय साझा किए गए। पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता में छात्रों ने कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया और अपने पोस्टर के माध्यम से नशे से दूर रहने का संदेश दिया। प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। जीडीसी मजालता की प्रिंसिपल ने ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर जागरूकता फैलाने में प्रतिभागियों के समर्पण और रचनात्मकता की सराहना की।
प्राचार्य ने जिम्मेदार नागरिकों को आकार देने में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर जोर दिया और छात्रों को बदलाव के दूत के रूप में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का समापन नशा मुक्त भारत के मिशन में योगदान देने के लिए शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. इरशाद अहमद रेशी ने किया। प्रो. नरेश कुमार, एचओडी डोगरी ने औपचारिक धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस मौके पर डॉ. चंद्र मोहन, प्रो. कमल जीत, डॉ. दलीप कुमार, डॉ. पीरजादा आमिर मौजूद थे।