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Udhampur News: गड्ढों से ठोकरें खा रहे राहगीर, दोपहिया वाहन चालकों में हर समय हादसे का डर

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शहर की खस्ताहाल गलियां: संवाद
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- शहर की 50 से अधिक गलियां खस्ताहाल,
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- नगर परिषद फंड की मंजूरी मिलते ही शुरू करेगा मरम्मत का काम
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में बहुत सी गलियां ऐसी हैं जो जर्जर हो चुकी हैं। इनकी वजह से शहरवासियों को आवाजाही को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राहगीर गड्ढों से ठोकरें खाकर चोटिल हो रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों को हर समय हादसे का डर बना रहता है। लगभग 50 से अधिक गलियों की दयनीय हालत है।
बीते लगभग एक साल से इस समस्या से शहरवासी काफी परेशान हैं। पंडित सुदेश शर्मा, विक्रम कुमार, बोध राज शर्मा, सुनील गुप्ता आदि का कहना था कि शहर के चुनिंदा वार्ड को छोड़कर अन्य सभी में गलियों की हालत काफी खराब है। अपर संगूर से लोअर संगूर को जाने वाली गली तो इतनी अधिक जर्जर हालत में है कि इस पर मवेशी भी गुजरते वक्त गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
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ढलान पर मौजूद इस पूरी गली में बड़े-बड़े गड्ढे हैं। कंक्रीट अथवा तारकोल का कोई नामो-निशान नहीं रह गया है। मरम्मत की मांग कई बार की गई है। इसी तरह वार्ड नंबर 18, 19, 20 और 21 में तो बहुत सी गलियां अभी तक कच्ची हैं। पुराने वार्डों में भी नगर परिषद का कार्यकाल खत्म होने के बाद से गलियों की मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जलशक्ति, सीवरेज, और अन्य कई विभागों के निर्माण कार्यों से भी गलियों की हालत खराब हुई है। शहरवासी लगातार इनकी मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
वहीं, इस संबंध में मिल रही शिकायतों के समाधान के लिए अब नगर परिषद की तरफ से एक प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें शहर के विभिन्न 21 वार्डों की लगभग 50 से अधिक गलियों को मरम्मत के लिए शामिल किया गया है।
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कोट..
शहर में 50 के करीब ऐसी गलियों की पहचान की गई है जिनको मरम्मत की जरूरत है। कुछ की हालत अधिक खराब है। प्रयास किया जा रहा है कि बरसात से पहले इन तमाम गलियों की हालत को सुधारा जाए। फंड मिलते ही आगे का काम शुरू किया जाएगा।
राजिंदर ढींगरा, सीईओ, नगर परिषद उधमपुर
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