उधमपुर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में जिला उधमपुर की चार सीटों पर हुए चुनाव में 37 उम्मीदवारों में से 25 अपनी जमानत नहीं बचा पाए। तीन सीटों पर इनसे नोटा भी जीत गया। चिनैनी विधानसभा क्षेत्र से 9 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। चुनावी मुकाबला भाजपा और पैंथर्स पार्टी के बीच में ही सिमटकर रह गया था। जमानत नहीं बचा पाने वालों को सबसे अधिक 971 और सबसे कम 167 वोट पड़े जबकि नोटा का बटन ही 1855 ने दबाया। वहीं रामनगर सीट से सात उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। भाजपा के बाद पैंथर्स को दूसरा और कांग्रेस को तीसरा स्थान हासिल हुआ जबकि अन्य चार की जमानत भी जब्त हो गई। इनमें सबसे अधिक 809 और सबसे कम 463 वोट संख्या दर्ज की गई जबकि नोटा 1167 लोगों ने दबाया। उधमपुर वेस्ट में 12 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और आजाद उम्मीदवार के बीच में सीमित रहा। नौ उम्मीदवारों को अपनी जमानत तक जब्त करानी पड़ी। इनमें सबसे अधिक वोट संख्या 637 रही जबकि सबसे कम 170 का ही समर्थन जुटा पाए। नोटा को 1290 लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ। रही बात उधमपुर ईस्ट की तो यहां भाजपा की आपसी जंग में नोटा भी हार गया। नोटा को यहां मात्र 591 लोगों का समर्थन मिला तो जमानत जब्त कराने वालों में सबसे अधिक वोट 740 और सबसे कम वोट संख्या 176 दर्ज की गई। इस सीट पर भाजपा को जीत प्राप्त हुई और भाजपा के बागी आजाद उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे और भाजपा से खफा पैंथर्स उम्मीदवार तीसरे नंबर पर जबकि नेकां चौथे नंबर पर सिमट गई। इस सीट पर 9 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे जिनमें से 5 की जमानत जब्त हो गई। जिले में इस बार 4903 लोगों ने नोटा का समर्थन किया।