उधमपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजय दशमी यानी दशहरा धूमधाम से मनाया गया। शनिवार शाम को रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों को राम और लक्ष्मण ने अग्निभेंट किया। आग लगते ही हर पुतला कर्णभेदी धमाकों के साथ धू-धू कर जल उठा।
दशहरा महोत्सव सुभाष स्टेडियम में आयोजित किया गया। जम्मू से तैयार किए गए पुतलों के अलग-अलग हिस्सों को ट्रकों में लादकर उधमपुर सुभाष स्टेडियम लाया गया, जहां पर पुतलों को जोड़कर उनमें आतिशबाजी भरकर उनको खड़ा किया गया। शनिवार दोपहर तक तीनों पुतलों को जलाने के लिए पूरी तरह से तैयार दिया गया था।
शाम को निर्धारित समय चार बजे दशहरा उत्सव समिति की ओर से श्रीराम कला केंद्र चबूतरा बाजार के सहयोग से भगवान राम की सुंदर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा मेन बाजार, लाल चौक, गोल मार्केट, मुखर्जी बाजार, रामनगर चौक, कोर्ट रोड, सलाथिया चौक, डीसी दफ्तर होते हुए सुभाष चौक के पास स्थित दशहरा महोत्सव स्थल सुभाष स्टेडियम में पहुंची। इसमें मौजूद गण्यमान्य लोगों को डोगरों की शान पगड़ी पहनाकर अपने संस्कृति का भी सम्मान किया गया।
शाम सवा पांच बजे सुभाष स्टेडियम पहुंची शोभायात्रा का डीसी सलोनी राय सहित उधमपुर वेस्ट के विधायक पवन कुमार गुप्ता, उधमपुर ईस्ट के विधायक आरएस पठानिया और चिनैनी विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने बतौर मुख्य मेहमान स्वागत किया। उनके साथ दशहरा उत्सव समिति, व्यापार मंडल, श्री राम कला केंद्र के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे। इसके बाद हनुमान अपनी सेना के साथ स्टेडियम में पुतलों के पास एक कोने में बनाई सोने की लंका के पास पहुंचे, जहां पर कैद सीता माता को मुक्त कराने के बाद हनुमान जी ने दर्शकों में फल दर्शकों में बांटे और लंका का दहन किया। लंका के जलने के बाद राम-लक्ष्मण और हनुमान ने वानर सेना के साथ रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों की परिक्रमा की। इसके बाद बारी-बारी से पुतलों को अग्निभेंट किया गया।
वहीं उत्सव केे संपन्न होते ही वीआईपी रोड से लेकर धार रोड और पुराने जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित दोमेल चौक पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि मौके पर मौजूद उधमपुर थाना पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के जवानों का यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन इस दौरान लगभग आधे घंटे यातायात व्यवस्था प्रभावित रही।
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