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Udhampur News: कन्याकुमारी से सीधे कश्मीर से जुड़ने की खुशी, उधमपुर की अनदेखी का मलाल

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 सुरेंद्र खजूरिया, अध्यक्ष बार एसोसिएशन
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- कहा - जिले में भाजपा के चार विधायक और सांसद पर उधमपुर फिर भी खाली
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- वंदे भारत के स्टाॅपेज के साथ समय अवधि भी बढ़ाने की मांग
उधमपुर। उधमपुर-श्रीनगर रेल यातायात शुरू होने से हर किसी ने इसे सरकार की उपलब्धि करार दिया है और खुशी व्यक्त की है कि अब कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर रेल यातायात के माध्यम से एक हो गया है परंतु इस बात का मलाल भी जताया कि उधमपुर रेलवे स्टेशन में स्टॉपेज का समय काफी कम रखा गया है।
लोगों का कहना है कि उधमपुर जिला जम्मू प्रांत का दूसरा बड़ा जिला मुख्यालय है। उधमपुर-श्रीनगर रेल सेक्शन के शुरू होने से वे काफी खुश हैं लेकिन अफसोस इस बात का है कि उधमपुर के चारों विधायक और सांसद भाजपा के हैं, लेकिन जिले को कुछ नहीं मिल पाया।
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कोट...
सभी ट्रेनों के स्टॉपेज की समय अवधि बढ़नी चाहिए
उधमपुर की जनता ने खुलकर भाजपा का समर्थन किया लेकिन इसके बावजूद शुक्रवार को उधमपुर की जनता को कुछ नहीं मिला। मात्र दो मिनट के स्टॉपेज में लोग सिर्फ ट्रेन के आने-जाने का नजारा ले पाएंगे। जिला मुख्यालय में मौजूद उधमपुर रेलवे स्टेशन में सभी ट्रेनों का स्टॉपेज और समय अवधि अधिक होनी चाहिए। - एडवोकेट सुरेंद्र खजूरिया, प्रधान बार एसोसिएशन


उधमपुर रेलवे स्टेशन को मात्र जंक्शन तक सीमित कर रख दिया
कन्याकुमारी से कश्मीर तक रेल पहुंचाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो सफलता प्राप्त की है, उसकी जितनी भी सराहना की जाए कम है। अन्य कोई सरकार यह काम नहीं कर पाई, लेकिन इस बात का अफसोस है कि उधमपुर को नजरअंदाज किया गया। न ही उधमपुर रेलवे स्टेशन और आम जनता को हित में रखकर कोई घोषणा की गई और न ही ट्रेन के रुकने को लेकर समय अवधि में बढ़ोतरी की गई है। उधमपुर रेलवे स्टेशन को मात्र जंक्शन तक सीमित कर रख दिया गया। -जतिंद्र बरमानी, प्रधान, व्यापार मंडल
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कई ट्रेनों का स्टॉपेज उधमपुर में नहीं

सीधा कश्मीर के लिए रेल सुविधा शुरू होने से उधमपुर को कोई लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि कई ट्रेनों का स्टॉपेज उधमपुर में नहीं रखा गया है। इस कारण अगर किसी को उधमपुर से श्रीनगर जाना होगा तो उसे पहले कटड़ा जाना पड़ेगा। उससे बेहतर तो यह होगा कि वो सीधा सड़क संपर्क मार्ग से श्रीनगर चला जाए और ट्रेन से पहले पहुंच जाएगा। सरकार को चाहिए था कि श्रीनगर जाने वाली ट्रेनों का स्टाप उधमपुर में भी रखा जाता। इससे प्रत्येक वर्ग को लाभ मिलना था।
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अनिब पाबा, स्वतंत्र पुरातत्वविद

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व्यापारियों को काफी उम्मीद थी, ऐसा कुछ नहीं हुआ


श्रीनगर तक रेल पहुंचाना सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि है जिसकी जितनी भी सराहना की जाए कम है, लेकिन उधमपुर में रेलवे स्टेशन बनने से व्यापार वर्ग को काफी उम्मीद थी मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। यहां तक कि आज भी टिकट बुकिंग के दौरान उधमपुर रेलवे स्टेशन का नाम तक नहीं आता है। श्रीनगर तक सफर से उधमपुर स्टेशन को बाहर रखा गया है और कटड़ा में ही स्टाप रखा गया है। सरकार को चाहिए था कि उधमपुर में भी सभी ट्रेनों का एक स्टॉपेज जरूर रखा जाता जिससे उधमपुर में पर्यटकों की आमद होती और कारोबार भी बढ़ता। - जोगिंद्र वर्मा, अध्यक्ष स्वर्णकार संघ
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