जल शक्ति कर्मचारियों ने पीएचई कॉम्प्लेक्स में की जिला कार्यकारिणी की बैठक
उधमपुर। जल शक्ति कर्मचारी व मजदूर संघ की जिला कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को पीएचई कॉम्प्लेक्स में हुई। जिला अध्यक्ष एवं जम्मू प्रांत के वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता सोमनाथ ने कहा कि चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान सरकार की नीति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से लंबित मजदूरी और न्यूनतम वेतन अधिनियम को लागू करने को लेकर सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। दैनिक वेतनभोगी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
सरकार कह रही है कि वे दिहाड़ी मजदूरों को चरणबद्ध तरीके से नियमित करेगी लेकिन एसआरओ के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं है। सरकार ने दिहाड़ी मजदूरों को नियमित करने के लिए समिति का गठन किया था जिसे 6 महीने में रिपोर्ट देनी थी लेकिन 13 महीने बीत चुके हैं।
बकाया वेतन और न्यूनतम वेतन अधिनियम से जुड़े मुद्दे इतने बड़े नहीं हैं कि उन्हें तत्काल लागू न किया जा सके। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि फंडिंग केंद्र शासित प्रदेश सरकार के पास आती है। लेह में दिहाड़ी मजदूरों को नियमित कर दिया है और वहां न्यूनतम वेतन अधिनियम भी लागू है तो फिर जेके यूटी में क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है।
बैठक में समयबद्ध पदोन्नति, डीपीसी की बैठक शीघ्र करने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लंबित देय के भुगतान की मांग भी उठाई गई। अंत में सोमनाथ ने सरकार से कर्मचारियों के हित में जल्द स्पष्ट नीति बनाने की अपील की।
इन मुद्दों को भी उठाया
सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सीपी, आईटीआई और लैंड केस वर्करों का एसआरओ-64 के तहत नियमितीकरण, वर्ष 2014 से 2020 तक के 65-70 माह के लंबित वेतन का ब्याज सहित भुगतान, 311 रुपये प्रतिदिन मजदूरी में विस्तार समेत स्टाफ की कमी पर भी चिंता जताई गई। कर्मचारियों का कहना है कि हजारों पद खाली हैं जिससे कार्य का बोझ बढ़ रहा है और जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का संचालन पर्याप्त कर्मचारियों के बिना संभव नहीं है।