म्यूनिसिपल कमेटी के अस्थायी कर्मचारियों ने 28 महीनों से वेतन नहीं मिलने के विरोध में बुधवार को एमसी कार्यालय का घेराव किया। कर्मचारी धरने पर भी बैठे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
कर्मचारियों का आरोप है कि म्यूनिसिपल कमेटी शोषण करने की नीति के तहत कर्मचारियों से काम करा रही है। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने एसडीएम अनिल चंदेल से मिलकर स्थिति बताई।
म्यूनिसिपल कमेटी के कार्यालय में सरकारी कामकाज शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में अस्थायी कर्मचारी पहुंच गए थे और उन्होंने घेराव कर लिया। कर्मचारी घंटों तक धरने पर बैठे रहे तथा नारेबाजी की। सोहन चंद, सचिन पुरोहित, कुणाल, काका, राजा आदि का कहना है कि वह सालों से एमसी में अस्थायी कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे हैं।
ऐसे हालात कभी नहीं हुए कि महीनों का वेतन जारी नहीं हुआ हो। यही पहली बार हुआ कि उन्हें 28 महीनों का वेतन जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इस बात की जांच की जानी चाहिए कि अस्थायी कर्मचारियों का वेतन क्यों नहीं दिया गया है।
कर्मचारियों का कहना है कि प्रशासन के अधिकारियों से कई बार इस बारे में रिकार्ड मांगे गए, लेकिन हर बार वह आनाकानी करते हैं। इससे संदेह मालूम पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर वेतन जल्द जारी नहीं किया गया तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।