संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। गर्मी बढ़ने के साथ डायरिया के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। अप्रैल से लेकर मई लगभग 600 बच्चों और बड़ों को दस्त, उल्टियां व वायरल बुखार के चलते अस्पताल में भर्ती किया गया। जबकि इस माह में अब तक 80 से अधिक बच्चे डायरिया व बुखार के चलते अस्पताल में भर्ती किए गए हैं।
जिस तरह से लगातार गर्मी विकराल रूप धारण करती जा रही है उसके चलते तापमान में भी आए दिन बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इतना ही नहीं रात में बारिश होने के बावजूद दिन में गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है तो वहीं दूसरी ओर गमी में होने वाली विभिन्न प्रकार की बीमारियों की चपेट में आकर बच्चे हो या फिर बड़े, सभी बीमार पड़ रहे हैं।
अप्रैल से डायरिया बीमारी की चपेट में आए मरीजों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उसका मुख्य कारण दूषित जल व बाजारों में मिलने वाला खाने पीने का सामान है। गौरतलब है कि शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र ज्यादातर लोग बावलियों व प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाकर पीते हैं। बारिश के दौरान प्राकृतिक स्रोतों का पानी भी दूषित हो जाता है। लेकिन कई ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इसी पानी को पीने पर मजबूर हैं।
यह कहना गलत नहीं होगा कि जिस तरह से मौसम दिन व दिन अपने रंग बदल रहा है वह लोगों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। ज्यादातर लोग इस समय दूषित पानी व फास्ट फूड खाने से डायरिया के शिकार होने के साथ अन्य कई बीमारियों की चपेट में आ रहे है।
इस संदर्भ में बच्चों के विशेषज्ञ डॉ. दीपक ने बताया कि जिस तरह मौजूदा समय में मौसम का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। किसी दिन धूप हो जाती है तो किसी दिन बारिश आ जाती है। उन्होंने कहा कि इस बदलते मौसम के कारण खासतौर पर छोटे बच्चों से लेकर बढ़ों तक के स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि रोजाना अस्पताल में होने वाली ओपीडी में बच्चों व बढ़ों को मिलाकर तकरीबन 250 से 300 के करीब अपने स्वास्थ्य की जांच कराने के लिए अस्पताल पहुंच रहे है। जिनमें से कई बच्चों व बढ़े जोकि डायरिया की चपेट में आने के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। जबकि इस माह में अभी तक अस्पताल में 80 से अधिक बच्चों को डायरिया की चपेट में आने से भर्ती किया गया है। हालांकि पिछले एक सप्ताह से डायरिया व अन्य बीमारियों की चपेट में आने वाले मरीजों में कमी देखने को मिली है।
वहीं मेडिसन के एचओडी डॉ. विनोद गुप्ता ने बताया कि डायरिया के काफी संख्या में मरीज अस्पताल आ रहे हैं। डायरिया गंदा पानी पीने व बाजारों में बिकने वाले खाने पीने के सामान को खाने के कारण होता है। इस मौसम में हमें इन चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि रोजाना बढ़ती गर्मी के चलते अस्पताल में डायरिया, दस्त, उल्टियों व वायरल बुखार से पीड़ित काफी संख्या में आ रहे है। जिसमें से 5 से 6 के करीब मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी बीमारियों से बचने के लिए हमें स्वच्छता का खास ध्यान रखना जरूरी है। क्योंकि गंदगी से कई बीमारियों के होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से बचने के लिए हमें सबसे ज्यादा जरूरी है पानी को उबाल कर पीने की जरूरत है।
डायरिया व अन्य बीमारियों से बचने के लिए इन बातों का रखें ख्याल
बचाव
1. गंदगी वाली जगह पर बच्चों को न जाने दें।
2. पानी को उबाल कर पीयें।
3. बाजाराें में मिलने वाले फास्ट फूड खाने से बचें।
4. भरपूर मात्रा में स्वच्छ जल पीएं।
5. स्वच्छता का खास ख्याल रखे।
6. ओआरएस का सेवन करें।
कोट...
विभाग की ओर से लगातार जिला के ग्रामीण क्षेत्रों व शहर में मौजूद प्राकृतिक जल स्रोतों की समय समय पर पानी के सैंपल लेकर उनकी लगातार जांच की जाती है। अगर जांच के दौरान पानी का सैंपल फेल हो जाता है तो जहां से सैंपल लिया गया है, वहां पानी के स्रोत को बंद कर दिया जाता है। अभी तक विभाग की ओर से जितने भी पानी के सैंपलों की जांच की गई है उनमें कोई भी सैंपल फेल नहीं हुआ है।
-संदीप गुप्ता, एक्सइएन जलशक्ति विभाग उधमपुर।