जिला के पीडब्लूडी डाकबंगला में परिसीमन आयोग वीरवार को पहुंच रहा है। पुराने जिला डोडा यानी वर्तमान के तीन जिलों डोडा, रामबन और किश्तवाड़ जिलों के कुल 56 विभिन्न सियासी व सामाजिक संगठन आयोग के दल से मुलाकात करेंगे।
जम्मू-कश्मीर में चिनाब घाटी क्षेत्र का विशेष महत्व है। यहां के लोग कई वर्षों से एक और विधानसभा सीट बनाने की मांग उठा रहे हैं। जनसंख्या और क्षेत्र के हिसाब से ही विधान सभा क्षेत्रों का दायरा तय होने पर जोर दिया जा रहा है।
चिनाब घाटी के पीडीपी इंचार्ज व प्रदेश सचिव नासिर हुसैन शेख ने कहा कि पीडीपी का कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं मिलेगा। वहीं नेशनल कांफ्रेंस के किश्तवाड़ जिला के प्रधान तनवीर अहमद किचलू ने कहा कि अभी तक हमें किसी ने नहीं बुलाया है, हालांकि हमने तय दिन के दूसरे दिन अपने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की सूची जिला उपायुक्त को दे दी थी।
उधर, पार्टी की ओर से देवेंद्र सिंह राणा, सज्जाद अहमद किचलू समेत पांच नेता जम्मू में आयोग से मिलेंगे। कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल जिला स्तर का शेख गुलाम हैदर के नेतृत्व में आयोग से मिलेंगे। इस संबंध में उनके पार्टी के सचिव फिरदोस मिंगनू ने कहा कि हमारा प्रतिनिधिमंडल मिलेगा। हम शांतिपूर्ण तरीके से समानता और न्याय की मांग करते हैं।
उन्होंने कहा कि मढ़वा-वाड़वन दूरदराज इलाके हैं। इनकी एक सीट बनाई जानी चाहिए। दूसरी तरफ पाडर है, जिसे किश्तवाड़ के साथ मिलाया जा सकता है। इसी प्रकार भाजपा की तरफ से तीनों जिलों के प्रधान और और 4 पूर्व विधायक प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे। जिला किश्तवाड़ भाजपा के सचिव ललित शर्मा ने कहा कि हमारी पहले से ही मांग रही है कि जिला किश्तवाड़ में एक और विधानसभा सीट बननी चाहिए।
डोडा के 34, रामबन से छह
किश्तवाड़ से 16 दल मिलेंगे
चिनाब घाटी क्षेत्र से 56 विभिन्न दल आयोग से मिलेंगे, जिसमें डोडा से 34, रामबन से 6 और किश्तवाड़ से 16 दल शामिल हैं। जिला उपायुक्त किश्तवाड़ अशोक कुमार शर्मा ने कहा था कि उन्हें मात्र 10 मिनट का मौका मिला है जिसमें उन्होंने पूरे जिले के खाके की जानकारी देनी है। इसी प्रकार अन्य जिलों के उपायुक्तों को भी समय दिया गया है। जिला रामबन के उपायुक्त आज शाम को किश्तवाड़ पहुंचेंगे।