उधमपुर। जम्मू संभाग के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार से ओपीडी में नारेबाजी नहीं, इलाज मिलेगा। सोमवार शाम को स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई एसोसिएशन की बैठक में मांगों को पूरा करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया गया। इससे पहले ढाई दिन के वेतन कटौती के आदेश के विरोध में पैरामेडिकल स्टाफ की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं चरमाई रहीं। जीएमसी में रोजाना ओपीडी 1000 तक होती थी। हड़ताल के बाद हजारों मरीजों को मजबूरन निजी क्लीनिक व अस्पतालों का रुख करना पड़ा। हालांकि एमरजेंसी में जांच की गई मगर भीड़ के कारण हालात खराब रहे।
आपातकालीन में प्रतिदिन 200 मरीज पहुंच रहे थे। ऐसे में एमरजेंसी में लोड बढ़ने से मरीजों के साथ-साथ डॉक्टरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी दूरदराज से आने वाले मरीजों को झेलनी पड़ी। सुबह कर्मचारी ओपीडी में एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल सुपरिंटेंडेंट से भी मिला। कर्मियों ने कहा कि अगर ओपीडी चालू रही तो मांग पूरी नहीं हो सकेगी।
सुपरिंटेंडेंट ने स्पष्ट किया कि अस्पताल को पूरी तरह बंद नहीं किया जा सकता। डॉक्टर प्रदर्शन जरूर करें लेकिन मरीजों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ओपीडी फिलहाल बंद है जबकि इमरजेंसी सेवाएं जारी हैं। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि वे खुद भी नहीं चाहते कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी हो क्योंकि अस्पतालों में दूरदराज से लोग इलाज के लिए आते हैं। विधानसभा सत्र में कई विधायकों ने मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि कर्मचारियों की सैलरी में कटौती नहीं होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर आदेश किसके निर्देश पर और क्यों जारी किया गया?
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कब कितने पहुंचे मरीज
पहले दिन - 487
दूसरे दिन - 432
तीसरे दिन - 310
चौथे दिन - 365
पांचवें दिन - 505
अन्याय से कम नहीं आदेश
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 20 जनवरी को वित्त निदेशक की ओर से ढाई दिन की सैलरी कटौती का आदेश जारी किया गया था जिसके विरोध में प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मी प्रदर्शन कर रहे हैं। वे दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे हैं। ऐसे में वेतन कटौती का आदेश अन्याय से कम नहीं है।
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अस्पताल में डॉक्टर के इंतजार में बैठे हैं लेकिन ओपीडी बंद है और आपात में मरीज ज्यादा होने के कारण जांच नहीं हो पा रही है।
रमेश कुमार
समय पर जांच नहीं हो पा रही है और पूरे परिसर में कई बार डॉक्टर से मिलने का प्रयास किया लेकिन दोपहर तक राहत नहीं मिल सकी।
- प्रीति देवी, टिकरी।
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मंत्रियों के आश्वासन और जनहित को ध्यान में रखते हुए फिलहाल जम्मू-कश्मीर मेडिकल एम्प्लॉइज फेडरेशन ने हड़ताल समाप्त कर दी है। सरकार को तीन सप्ताह का समय दिया है। मंगलवार से पैरामेडिकल स्टाफ अपनी ड्यूटी पर लौटेंगे।
- एचओडी डॉ. धीरज शर्मा, अध्यक्ष, मेडिकल एम्प्लॉइज फेडरेशन