बैक टू विलेज व प्रशासनिक बैठकों में कई बार उठा चुके स्कूल में खेल मैदान बनाने की मांग : पूर्व सरपंच
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जिले के 1427 में से 1300 स्कूलों में खेल मैदान ही नहीं हैं। इसके चलते बच्चे खेलों से वंचित हैं। सरकारी मिडिल स्कूल जखैनी, सरकारी मिडिल स्कूल मलालियां के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में पड़ते कई स्कूलों में खेल मैदान नहीं है।
पंचायत सत्यालता में खेल मैदान न होने के कारण स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे आधी छुट्टी के समय ज्यादातर कक्षाओं में बैठकर ही समय व्यतीत करते हैं। इस संदर्भ में पूर्व सरपंच यशपाल का कहना था कि क्षेत्र में होने वाली बैक टू विलेज व प्रशासनिक बैठकों में कई बार स्कूल में खेल का मैदान बनाने के लिए मांग की गई है। उन्होंने कहा कि जहां सरकार की ओर से खेलो इंडिया के तहत अधिक से अधिक बच्चों का खेलों की ओर रुझान बढ़ाने की बात की जा रही है तो वहीं अगर स्कूल में खेल मैदान ही नहीं होंगे तो बच्चों का खेलों की ओर रुझान कैसे जाएगा। जिले के ज्यादातर स्कूलों में खेल मैदान नहीं हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग से जल्द से जल्द स्कूल में खेल मैदान बनाने की मांग की है।
कोट
जिले में तकरीबन 1300 स्कूलों में खेल मैदान बनाने को लेकर खेल विभाग को पत्र लिखेंगे। जिले में कुछ ऐसे स्कूल हैं, जहां पर जगह की कमी है, जिसके चलते स्कूलों में खेल मैदान नहीं बन पाए हैं। जिन स्कूलों में जगह उपलब्ध है वहां पर विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि विभाग से कहकर मैदान तैयार करवाए जाएं।
- नरेंद्र मोहन सूरी, सीईओ