- जर्जर हालत में पीएचसी की इमारत, स्टाफ क्वार्टर को बनाया गया वार्ड रूम।
मजालता। जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर स्थित प्राइमरी स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) मानसर में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। यहां एक ही डॉक्टर के भरोसे ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवा संचालित की जा रही हैं। नियमित डॉक्टर न होने के कारण मरीजों का इलाज अच्छे से नहीं हो पा रहा।
पीएचसी में दंत चिकित्सक तो है, लेकिन मशीन अच्छे से काम नहीं करती है। इससे दांत से संबंधित बीमारी का इलाज कराने आए मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ता है। अगर अस्पताल में डॉक्टर और अन्य स्टाफ के रहने की बात करें तो उनके लिए भी कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। रात को रुकने के लिए उचित प्रबंध नहीं होनेसे कोई बाहर का डाॅक्टर यहां आने को राजी नहीं होता। पीएचसी की इमारत लगभग 60 साल पुरानी है जो जर्जर स्थिति में है।
अस्पताल के स्टाफ ने बताया कि बरसात के मौसम में पानी इमारत के अंदर तक आ जाता है। उन्हें हमेशा डर बना रहता है कि कहीं यह इमारत नीचे ना गिर जाए। इसके अलावा एंबुलेंस की हालत भी खस्ता है। वे कई बार खराब हो चुकी है जिससे मरीजों को इमरजेंसी में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
कोट.. इमारत की खराब हालत की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। मानसर में लगे जन दरबार में भी डीसी उधमपुर के सामने यह मुद्दा उठाया गया था। खराब और पुरानी एंबुलेंस की जानकारी भी उच्च अधिकारियों को दी गई है। उम्मीद है कि जल्द ही कोई उचित कदम उठाएंगे।
-डॉ. मोहम्मद लतीफ, बीएमओ मजालता