बस अड्डा उधमपुर पर दिन-ब-दिन बढ़ रही बसों की संख्या के चलते हालात ऐसे बन चुके हैं कि अब चालकों के लिए बसों को खड़े करने के लिए बस अड्डा पर स्थान नहीं बचा है। बस अड्डे को स्थानांतरित करने की नगर परिषद की योजना भी अधर में लटक चुकी है।
जिले में जनसंख्या में वृद्धि के साथ यात्रियों की आवाजाही करने वाली यात्री बसों की संख्या में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। बस अड्डा से हर रोज 120 से ज्यादा बसें आवाजाही कर रही हंै।
इस समस्या को ध्यान में रखते हुए 2006 में नगर परिषद ने कारगिल हनुमान मंदिर के नजदीक बस अड्डे को स्थानांतरित करने की योजना पर काम शुरू किया गया।
स्थानीय निवासियों से नगर परिषद से जमीन खरीद ली और नगर परिषद ने नए बस अड्डे का काम शुरू कर दिया, लेकिन अचानक विवाद शुरू होने बस अड्डे का काम अधर में लटक गया, जो अभी तक अधर में ही लटका है।
मामला अदालत में होने के कारण नगर परिषद न्यू बस अड्डा पर बस अड्डा को स्थानांतरित नहीं कर पा रहा है। अब यह परेशानी मास्टर प्लान के जरिये हो पाएगी। क्योंकि मास्टर प्लान में शहर से बाहर बस अड्डा बनाना है।
-केके चलोत्रा, सीईओ, नगर परिषद