सतैनी इलाके में स्थित डुबडुबा बस्ती में पोल क्षतिग्रस्त होने से करीब पांच महीने से बिजली की सप्लाई पूरी तरह से बंद है। इसके बावजूद विभाग लोगों के घरों में बिजली बिल भेज रहा है।
इसी के विरोध में वीरवार को स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। लोगों का कहना था कि अगर बिजली विभाग ने जल्द समस्या का हल नहीं किया तो धार रोड बंद करने को मजबूर हो जाएंगे।
सुबह करीब ग्यारह बजे लोगों ने एकजुट होकर बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान दीपक शर्मा, गायत्री देवी, जीवन लाल, सोम राज और अन्य कई स्थानीय निवासियों ने बताया कि सितंबर 2014 में कहर मचाने वाली बारिश के दौरान बिजली के पोल क्षतिग्रस्त होने के बाद सतैनी इलाके में स्थित डुबडुबा बस्ती में बिजली बंद हो गई थी।
कई घर भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। मौसम साफ होने के बाद सभी लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से पोल लगाकर बिजली बहाल करने की मांग की, लेकिन अधिकारियों की तरफ से सिर्फ आश्वासन ही दिए गए। किसी ने भी पोल लगाकर परेशानी को दूर नहीं किया।
अब बिजली विभाग ने बिजली के बिल उनके घरों में भेजना शुरू कर दिया है। बिजली के बिलों में सभी ने पांच महीने का बिजली का किराया भरा गया है। जब उनको बिजली मिल ही नहीं रही है तो बिल क्यों दे दिया गया। करीब पांच महीने से बिजली के बिना उनका जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है।
सभी मोमबत्तियां जलाकर जीवन को मजबूर हैं। उनकी मांग है कि बिजली विभाग अपनी मनमानी बंद कर पोल लगाकर बिजली की सुविधा प्रदान करे और उसके बाद उनसे बिजली का किराया वसूल करे। अब अगर जल्द बिजली के पोल लगाकर परेशानी को दूर नहीं किया तो आने वाले दिनों में धार रोड को बंद कर प्रदर्शन किया जाएगा।